दफ्तर में काम के प्रति आपका क्या रवैया रहता है, आपकी बॉडी लैंग्वेज कैसी रहती है, इन बातों पर आपका भविष्य, आपका विकास निर्भर करता है। कई लोग काम तो अच्छा करना चाहते हैं, दिन की शुरुआत में तो ऊर्जा से भरेपूरे रहते हैं लेकिन धीरे-धीरे वे सुस्त होने लगते हैं। काम को धीरे-धीरे करते हैं, कभी सिर पर हाथ रखकर बैठ जाते हैं, चोरी-छिपे सुस्ताते हैं, ये सब आपके काम और व्यक्तिगत विकास को प्रभावित करता है। अगली स्लाइड्स में बताए गए तरीकों से आप दफ्तर में पूरे दिन ऊर्जावान बने रह सकते हैं।