Dussehra 2022: जब भगवान विष्णु के सातवें अवतार प्रभु श्रीराम का जन्म अयोध्या में हुआ था। जब वह अपनी पत्नी सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ वनवास के लिए गए थे, तो लंका के राजा रावण ने माता सीता का हरण कर लिया। उन्हें रावण की कैद से आजाद कराने के लिए श्रीराम ने लंका पर आक्रमण कर दिया। श्री राम और रावण के बीच हुए युद्ध में रावण की हार हुई। अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को श्रीराम ने रावण का वध कर दिया। तब से इस दिन को असत्य पर सत्य की विजय के तौर पर मनाया जाने लगा। लोग शारदीय नवरात्रि के बाद आने वाली दशमी तिथि को दशहरा या विजयदशमी मनाते हैं। हर साल रावण का पुतला बनाकर उसका दहन किया जाता है और इसे सत्य, धर्म की जीत के प्रतीक के तौर पर प्रदर्शित किया जाता है। अक्सर कॉलोनी के बच्चे मिलकर रावण बनाते हैं और शाम में उसका दहन करते हैं। अगर इस बार आपके कॉलोनी में भी रावण दहन का कार्यक्रम है तो बच्चों के साथ मिलकर आसानी से रावण का पुतला बना सकते हैं। यहां रावण का पुतला बनाने के टिप्स दिए जा रहे हैं।
रावण के शरीर को बनाने के लिए डिस्पोजेबल गिलास का उपयोग करें। रावण की लंबाई जितनी रखनी हो, उसके मुताबिक, डिस्पोजेबल गिलास को एक के ऊपर एक जमा दें। सभी गिलास को गिफ्ट पेपर से कवर कर लें।
सेलो टेप से सभी गिलास को चिपका लें, इससे गिलास गिरेंगे नहीं।