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जोमैटो की कहानी: क्लास में 2 बार फेल हुए दीपिंदर, कैंटीन में आए आइडिया से खड़ी की करोड़ों की कंपनी

Thu, 01 Aug 2019 01:30 PM IST
मोना नारंग लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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Zomato CEO deepinder goyal - फोटो : Twitter
ऑनलाइन खाना डिलिवर करने वाली कंपनी जोमैटो इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है। सोशल मीडिया पर हर तरफ लोग इसकी चर्चा कर रहे हैं, जिसकी वजह भी बड़ी दिलचस्प है। दरअसल एक ग्राहक ने जोमैटो के गैर-हिंदू डिलिवरी बॉय से खाना लेने से इनकार कर दिया था। जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया पर सामने आया तो हर कोई इस पर बहस कर रहा है। कुछ लोगों ने इस ग्राहक का साथ दिया, तो वहीं बहुत सारे लोग जोमैटो के साथ खड़े है। जोमैटो ने भी इस शख्श को शानदार जवाब देकर सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है। 

आज तक आपने घर बैठे अपने पसंदीदा रेस्टोरेंट से जोमैटो के जरिए ऑर्डर कर बहुत बार खाना मंगाया होगा, लेकिन क्या आपको मालूम है कब और किसने इस कंपनी की शुरुआत की थी। 
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Zomato Delivery Team - फोटो : Zomato
आपको जानकर हैरानी होगी कि जोमैटो कंपनी जिसकी आज एक हजार करोड़ नेट वर्थ है उसके संस्थापक दीपिंदर को बचपन से ही पढ़ाई में कोई खास दिलचस्पी नहीं थी। वह छठीं कक्षा और कॉलेज के प्रथम वर्ष में फेल भी हो गए थे, लेकिन इसे उन्होंने कभी अपनी जिंदगी में रुकावट नहीं बनने दिया।
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Zomato Delivery Boy - फोटो : Twitter
फेल होने से दीपिंदर को इतना दुख पहुंचा कि उन्होंने खूब मन लगाकर पढ़ाई करने की ठानी। उन्होंने दिन रात एक करके मेहनत की और आईआईटी के लिए चयनित हो गए। आईआईटी से डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने मल्टीनेशनल कंपनी 'बेन एंड कंपनी' में काम किया।

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Zomato
दीपिंदर रोजाना की तरह दफ्तर गए थे और कैंटीन में खाने के मेन्यू का इंतजार कर रहे थे। तभी उन्हें महसूस हुआ कि इसमें काफी वक्त जाया होता है। उन्होंने खाने का मेन्यू स्कैन कर के ऑनलाइन डाला जिसे लोगों ने काफी पसंद किया। यही से उन्हें जोमैटो का आईडिया आया।
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जोमैटो - फोटो : PTI
ऑनलाइन मेन्यू पर अच्छा रिसपॉन्स मिलता देख उन्होंने वेबसाइट खोलने का सोचा जिसमें लोगों को आसपास के रेस्टोरेंट की जानकारी मिल सके। अपने सहकर्मी पंकज चड्ढा के साथ मिलकर उन्होंने 2008 में 'फूडीबे' खोली जिसमें रेस्टोरेंट के मेन्यू से लेकर उसकी समीक्षा भी होती थी।
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deepinder goyal - फोटो : twitter
अब फूडीबे जोमैटो बन गया है। जोमैटो अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया समेत 23 देशों में अपनी सुविधा देता है। एक कमरे से शुरू हुई दीपिंदर गोयल की कंपनी की कीमत आज 1000 करोड़ से ज्यादा की है।
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