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प्रोटीन के लिए क्या है बेहतर विकल्प, वेज या नॉनवेज...जानें शाकाहार से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

Mon, 01 Oct 2018 01:22 PM IST
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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दुनिया की एक बड़ी आबादी ये मानती है कि शरीर में प्रोटीन की कमी सिर्फ मांस खाने से पूरी होती है।अगर अभी तक आप भी यही सोचते थे तो इस खबर को पढ़ने के बाद आप यकीनन अपनी सोच बदल लेंगे।बता दें, जो लोग मांस नहीं खाते वे शारीरिक रूप से ज्यादा फुर्तीले बने रहते हैं। दरअसल तथ्यों को जाने बिना लोग शाकाहार के मिथकों पर भरोसा करते रहते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ये मिथक?
 
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सब्जियों में भी होता है मांस जितना प्रोटीन, ये हैं शाकाहार से जुड़े तथ्य

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प्रोटीन
पहला मिथक है कि शाकाहारियों को प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलता जबकि सच ये है कि सब्जियों में 23%, बीन्स में 28%, गेहूं, बाजरा जैसे ग्रेन्स में 13%, और फलों में 5.5% प्रोटीन होता है। मां के दूध में 6% प्रोटीन मौजूद होता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि एक प्रौढ़ के लिए 2.5 से 10% प्रोटीन की जरूरत होती है।
 
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सब्जियों में भी होता है मांस जितना प्रोटीन, ये हैं शाकाहार से जुड़े तथ्य

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हरी सब्जियां
मांस का प्रोटीन फल-सब्जी के प्रोटीन से बेहतर
कहा जाता है कि मांस का प्रोटीन फल-सब्जी के प्रोटीन से बेहतर होता है और फल-सब्जियों के प्रोटीन को किसी न किसी के साथ मिलाना होता है तब उसका असर हो पाता है। यह मिथक 1971 में एक लेखिका ने अपनी किताब में लिखा था वो भी बिना किसी आधार के। 30 साल बाद लेखिका ने खुद कबूल किया कि उसने गलती की थी। दरअसल प्रोटीन एक जैसे ही होते हैं।

सब्जियों में भी होता है मांस जितना प्रोटीन, ये हैं शाकाहार से जुड़े तथ्य

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वनस्पति का तेल बेहतर
अमेरिका के चिकित्सक डॉक्टर जॉन मेकडॉगल इस मिथक को खारिज करते हैं कि वनस्पति का तेल बेहतर होता है। डॉक्टर कहते हैं कि चाहे जैतून का तेल डालें या मक्खन ही क्यों न डाल दे फैट का असर एक समान होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सैचुरेटेड और अनसैचुरेटेड फैट कैंसर सेल बनाता है। शोध में हमेशा यही सामने आया है कि जितना ज्यादा फैट खाया जाएगा उतना ज्यादा कैंसर का खतरा बढ़ेगा। मक्के, जैतून या सूर्यमुखी के तेल में ज्यादा अनसैचुरेटेड फैट होता है और यही कैंसर का खतरा ज्यादा बढ़ाते हैं।  
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दूध से हड्डियां मजबूत होती हैं
मेकडॉगल इस बात को भी गलत मानते हैं कि दूध से हड्डियां मजबूत होती हैं। वो कहते है कि अगर ऐसा होता तो गाय और दूसरे जानवरों की हड्डियां कैसे मजबूत होतीं। वो कहते हैं, साग-सब्जियों से हड्डियां मजबूत होती हैं। एशिया और अफ्रीका में जो लोग बिलकूल भी दूध या दही नहीं खाते, वे भी हष्ट पुष्ट होते हैं। उनका कहना है कि दूध में जानवरों का प्रोटीन होता है और ये अत्यधिक प्रोटीन शरीर से जरूरी कैल्शियम निकाल देता है जो नुकसानदेह है।
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सब्जियों में भी होता है मांस जितना प्रोटीन, ये हैं शाकाहार से जुड़े तथ्य

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कार्बोहाइड्रेट्स मोटा करते हैं
कहते हैं कार्बोहाइड्रेट्स मोटा करते हैं। लेकिन सच ये है कि सिर्फ रिफाइन किए हुए कार्बोहाइड्रेट्स से ऐसा होता है जैसे चीनी, आटा क्योंकि इनमें कैलोरी ज्यादा होती है। फल और सब्जियों का कार्बोहाइड्रेट मोटा नहीं करता। डॉ कहते हैं कि पर्याप्त मात्रा में आलू खा कर भी वजन घटाया जा सकता है। डॉ मेकडॉगल ने 25 साल तक अपना स्वास्थ्य क्लीनिक चलाया है जहां मरीजों ने मनचाहा खाना खाया और फिर भी वजन घटाया।
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