'चॉकलेट' का यह नाम कैसे पड़ा इसके बारे में कई अलग-अलग विचार हैं। कुछ के अनुसार, यह शब्द मूलत: स्पैनिश भाषा का शब्द है। ज्यादातर तथ्य बताते हैं कि 'चॉकलेट' शब्द माया और एजटेक सभ्यताओं से ही निकला है, जो मध्य अमेरिका से संबंध रखती हैं। एजटेक की भाषा नेहुटल में चॉकलेट' शब्द का मतलब होता है खट्टा या कड़वा।
2000 वर्ष पूर्व अमेरिका के वर्षा वनों में कोको के पेड़ खोजे गए थे। केको या कोको के पेड़ की फलियों में जो बीज होते हैं, उनसे चॉकलेट बनाई जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे पहले चॉकलेट मैक्सिको और मध्य अमेरिका में ही बनाई गई थी।
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1528में स्पेन ने जब मैक्सिको पर कब्जा किया, तो वहां का शासक भारी मात्रा में कोको के बीजों और चॉकलेट बनाने के यंत्रों को अपने साथ स्पेन ले गया। जल्दी ही स्पेन में चॉकलेट रईसों का एक पसंदीदा ड्रिंक बन गया।
1606 तक इटली में भी चॉकलेट प्रसिद्ध हो गई। माना जाता है कि इटली के एक यात्री फ्रेंसिस्को कारलेटी ने चॉकलेट पर स्पेन के एकाधिकार को खत्म किया और चॉकलेट को इटली ले गया। फ्रेंसिस्को ने मध्य अमेरिका के लोगों को चॉकलेट बनाते देखा और अपने देश इटली में भी चॉकलेट का प्रचार-प्रसार किया।
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1650 में इंग्लैंड में चॉकलेट की आमद हुई । शुरुआती दौर में लोग चॉकलेट को पीते थे। एक अंग्रेज डॉक्टर सर हैंस स्लोने ने दक्षिण अमेरिका का दौरा किया और खाने वाली चॉकलेट की रेसिपी तैयार की। कैडबरी मिल्क चॉकलेट की रेसिपी सर हैंस स्लोने ने ही बनाई।
1615 में फ्रांस ने ड्रिंकिंग चॉकलेट का स्वाद चखा। फ्रांस के लोगों को मानना था कि चॉकलेट स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत लाभदायक पदार्थ है।
पहले चॉकलेट का स्वाद तीखा हुआ करता था और इसे पिया जाता था। अमेरिका के लोग कोको बीजों को पीसकर उसमें विभिन्न प्रकार के मसाले जैसे मिर्च, वनीला आदि डालकर इसे एक पेय की तरह परोसा करते थे। चॉकलेट के मीठे स्वाद की बात की जाए, तो इसका श्रेय यूरोप को जाता है, जहा चॉकलेट में मिर्च की जगह दूध और शक्कर डाली गई। साथ ही, चॉकलेट को तीखे चटपटे पेय से एक मीठी खाने की चीज भी यूरोप में ही बनाया गया।