भारत में तेजी से चॉकलेट की खपत बढ़ती हुई देखी गई है। एक शोध के अनुसार, सिर्फ इतना ही नहीं भारत में चॉकलेट की खपत विश्व में सबसे तेजी से बढ़ रही है। साल 2016 में भारत में चॉकलेट की 13 फीसदी खरीद बढ़ी।
लंदन की ग्लोबल मार्केट फर्म मिंटेल स्टेट्स द्वारा किए गए एक शोध में यह सामने आया है कि अन्य देशों में जहां चॉकलेट की लोकप्रियता और बिक्री में कमी आई है, वहीं पिछले कुछ सालों में भारत में चॉकलेट की मांग तेजी से बढ़ी है। साल 2016 में देश में 228,000 टन चॉकलेट की खपत हुई। 2016 में ऑस्ट्रेलिया में 95,000 टन और इंडोनेशिया में 94,000 टन चॉकलेट की खपत हुई थी।
विज्ञापन
2 of 5
chocolate
इसी साल भारत 13 प्रतिशत और पोलैंड दो प्रतिशत के साथ विश्व के केवल दो बाजार थे, जहां चॉकलेट की बिक्री बढ़ी थी। मिंटेल फूड एंड ड्रिंक की निर्देशक मार्सिया मोगेलोन्स्की कहती हैं, चॉकलेट के लिए 2016 का वर्ष अच्छा नहीं रहा है। विकसित देशों में इसकी बिक्री स्थिर रही है, हालांकि भारत जैसे चॉकलेट के उभरते हुए बाजारों में इसकी स्थिति अच्छी है।
भारत में चॉकलेट की बिक्री बेहतर रही है। मोगेलोन्स्की कहती हैं कि हमारा अध्ययन बताता है कि भारत में उपभोक्ता विश्वास करते हैं कि चॉकलेट फायदेमंद है और अनुकूल खाद्य सामग्री है। देश में चॉकलेट के बाजार के विकास के पीछे यही कारण है। भारत के खुदरा बाजार में चॉकलेट का बाजार 2011 से 2015 के बीच 19.9 प्रतिशत सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) रहा था। इसके 2022 तक 20.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
विज्ञापन
3 of 5
chocolate
बदलती लाइफस्टाइल, खानपान की बदलती आदतें और गिफ्ट में चॉकलेट के बढ़ते चलन के कारण भी चॉकलेट इंडस्ट्री आगे बढ़ रही है। भारत से सउदी अरब, यूएई, सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग जैसे देशों में चॉकलेट का निर्यात हो रहा है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय भारत के ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया की हालिया जारी रिपोर्ट के अनुसार, देश में 2 लाख 28 हजार टन चॉकलेट का सालाना उत्पादन हो रहा है। इस वर्ष लगभग 3 लाख 41 हजार 609 टन चॉकलेट का उत्पादन होने की उम्मीद है।
4 of 5
chocolate
एक शोध में सामने आया है कि पुरुषों की तुलना में भारतीय महिलाएं 25 फीसदी ज्यादा चॉकलेट उत्पाद ऑनलाइन मंगाती हैं। विश्व चॉकलेट दिवस 7 जुलाई, 2017 के मौके पर स्विगी ऐप ने भारत के ऑनलाइन चॉकलेट उत्पादों के खपत के तरीकों का अध्ययन किया था।
शोध में पाया गया कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं के 25 फीसदी से ज्यादा ऑनलाइन चॉकलेट मंगाने की संभावना होती है। शोध में यह पाया गया कि भारतीयों की चॉकलेट की दीवानगी हर रोज रहती है।
वैसे, चॉकलेट बनाने की प्रक्रिया काफी कठिन होती है, फिर भी इसका नतीजा मीठा होता है। कोको की फलियों को कई तरह की तकनीक जैसे पहले खमीर उठाना, फिर सूखा भूनना, इसके बाद इसे दबाकर निकालना आदि प्रक्रिया से कोको बटर निकाला जाता है।
यह हल्के पीले रंग का होता है, जो खासतौर से चॉकलेट बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कोको बटर में काफी मात्रा में प्राकृतिक सैचुरेटेड फैट होता है, जो कमरे के तापमान पर स्थिर रहता है, लेकिन जैसे ही तापमान थोड़ा भी बढ़ता है और गर्मी पहले से ज्यादा हो जाती है, तो यह पिघलना शुरू हो जाता है।