फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Navratri Saptami 2026: मां कालरात्रि का प्रिय भोग क्या है? जानिए आसान प्रसाद रेसिपी

Tue, 24 Mar 2026 11:41 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Maa Kalratri Bhog Recipe: नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि को गुड़ और उससे बने प्रसाद का भोग लगाया जाता है। गुड़ से बने हलवे या मीठे पकवान अर्पित करने से कष्ट दूर होते हैं और मां की कृपा प्राप्त होती है।
विज्ञापन
1 of 4
नवरात्रि 7वें दिन का भोग - फोटो : Amar ujala

Navratri Day 7 Bhog Recipe: नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के उग्र स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। यह स्वरूप नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाला माना जाता है और भक्तों को भय से मुक्ति दिलाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन मां को उनका प्रिय भोग अर्पित करने से विशेष फल मिलता है। खासतौर पर गुड़ से बना प्रसाद मां को अत्यंत प्रिय होता है, जो जीवन में सुख और समृद्धि लाने वाला माना जाता है। अगर आप भी इस पावन दिन पर मां कालरात्रि को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो घर पर ही आसान तरीके से उनका प्रिय प्रसाद तैयार कर सकते हैं।

मां कालरात्रि का प्रिय भोग क्या है?

गुड़ (Jaggery) और उससे बने व्यंजन, जैसे गुड़ का हलवा या मीठा प्रसाद माता कालरात्रि का प्रिय भोग है। मान्यता है कि गुड़ का भोग लगाने से दुख और बाधाएं दूर होती हैं

विज्ञापन

2 of 4
गुड़ - फोटो : Adobe Stock

गुड़ का हलवा बनाने की आसान रेसिपी


सामग्री

  • 1 कप गेहूं का आटा

  • 1/2 कप गुड़

  • 2–3 चम्मच घी

  • 1 कप पानी

  • इलायची पाउडर

विज्ञापन

3 of 4
मैंगो हलवा - फोटो : Instagram

प्रसाद बनाने की विधि

  1. कढ़ाही में घी गर्म करें और आटे को सुनहरा होने तक भूनें

  2. अलग से पानी में गुड़ घोल लें

  3. अब गुड़ का पानी आटे में डालें और अच्छी तरह मिलाएं

  4. धीमी आंच पर पकाएं जब तक हलवा गाढ़ा न हो जाए

  5. ऊपर से इलायची डालकर प्रसाद तैयार करें।

विज्ञापन

4 of 4
नवरात्रि मां कालरात्रि - फोटो : Amar Ujala

भोग लगाने की विधि

  • पहले मां कालरात्रि की पूजा करें

  • फिर प्रसाद अर्पित करें

  • कुछ समय बाद परिवार में बांटें

 

मां कालरात्रि की पूजा से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में साहस, शक्ति और सुरक्षा मिलती है। ध्यान रखें कि प्रसाद बनाते समय शुद्धता रखें। सात्विक सामग्री का ही उपयोग करें। और पहले भगवान को अर्पित करें। 

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें