शास्त्रों की मानें तो करीब सवा पांच हजार साल पहले भाद्रपद माह में कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। जिसके बाद इस दिन को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन बालगोपाल की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
आमतौर पर कहा जाता है कि कोई भी वत्र बिना प्रसाद बांटे पूरा नहीं होता। लोग प्रसाद में अक्सर आटे की पंजीरी बनाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी धनिए की पंजीरी सुनी हैं। जी हां धनिए की पंजीरी का जन्माष्टमी के वत्र में बहुत बड़ा महत्व समझा जाता है।कृष्ण जन्माष्टमी पर लोग अपने घरों में सुख-शांति बनाए रखने के लिए धनिए की पंजीरी बनाते हैं।