जन्माष्टमी का त्योहार भाद्रपद महीने की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने धरती पर जन्म लिया था। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग व्रत करते हैं और श्रीकृष्ण के बाल रुप की विशेष तौर पर पूजा करते हैं। पूजा में प्रसाद स्वरूप छप्पन भोग लगते हैं। जिनमे माखन-मिश्री, पंजीरी, दही-दूध से बने चरणामृत का विशेष तौर पर भोग लगता है। प्रसाद में पंजीरी का विशेष महत्व होता है। पंजीरी का भोग लगाने वाले हैं तो जान लें कि पंजीरी को किस तरह से बनाकर तैयार करें।
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पंजीरी बनाने की विधि
भगवान के भोग के लिए पंजीरी तीन तरह से बनाकर तैयार की जाती है। जिसमे से एक आटे की पंजीरी होती है। तो वहीं दूसरी धनिया की पंजीरी और तीसरी नारियल की पंजीरी होती है। आप जिस तरह की पंजीरी का भोग लगाना चाहते हैं। बनाकर तैयार कर सकते हैं। तो चलिए जानें कैसे तैयार करना है पंजीरी।
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पंजीरी बनाने की सामग्री
गेंहू का आटा ढाई सौ ग्राम, तीन बड़े चम्मच देसी घी, पिसी हुई चीनी सौ ग्राम, ड्राई फ्रूट्स, कटे हुए बादाम, मखाना कटा हुआ, गरी का गोला बारीक कटा हुआ, काजू बारीक कटा हुआ,
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पंजीरी बनाने के लिए सबसे पहले गेंहू के आटे को छान लें। फिर किसी कड़ाही में देसी घी डालकर धीमी आंच पर इसे भूनें। आटे को तबतक भूनें जब तक की इसका रंग ना बदल जाए और आटे में से महक ना आने लगे। आटे को किसी प्लेट में निकाल लें। फिर कड़ाही में कटे हुए सारे ड्राई फ्रूट्स को भी गर्म कर लें। इन सारे ड्राई फ्रूट्स को बारीक काटकर भुने हुए आटे में मिला दें। जब ये आटा थोड़ा ठंडा हो जाए तो चीनी को मिक्सी के जार में पीसकर इस भुने आटे में मिला दें। बस तैयार है आटे की पंजीरी।
आटे की पंजीरी के साथ ही भगवान का प्रिय माखन मिश्री का भोग भी लगाया जाता है। माखन को दही से निकाला जाता है और उसमे मिश्री की मिठास डाली जाती है। फिर इसे भगवान श्री कृष्ण का भोग लगाया है।