रानी आईं थीं। शेफ ने उनके सम्मान में एक पिज्जा पेश किया। स्वाद बेमिसाल और शक्ल सूरत भी ठीक-ठाक। जब रानी वापस अपने राजमहल पहुंची, तो शेफ को लिखी एक चिट्ठी और उस पिज्जा को अपना नाम दे दिया।
बड़े हों या छोटे बच्चे, पिज्जा के शौकीन सभी होते हैं। यह इतालवी रोटी जो खूब चीज से भरी होती है और सब्जियों से सजी होती है, कब हर घर की पसंद हो गई, पता ही नहीं चला। डोमिनोज और पिज्जा हट जैसे अन्य छोटे-मोटे पिज्जा बेचने वाले भी अब हर गली में नजर आने लगे हैं, जो भले ही खाने में उतना स्वादिष्ट न हो, लेकिन सस्ता जरूर होता है।