मांसपेशियां मजबूत करने के लिए
बढ़ती उम्र के साथ वैसे भी हमारे खाने की आदतें बदलने लगती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि खाने की बदलती आदतें हमें ज्यादा बीमारियों की तरफ धकेल देती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार किसी भी बुजुर्ग के खाने में प्रोटीन, विटामिन, खास तौर से विटामिन-बी कॉम्पलेक्स और विटामिन-डी प्रचुर मात्रा में होना चाहिए। ये बुजुर्गों में हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत करने के लिए जरूरी हैं। इसके अलावा, फाइबर, खनिज-लवण, ओमेगा-थ्री फैट भी उचित मात्रा में देना चाहिए। ज्यादा बेहतर प्रोटीन के लिए मछली और सीपदार मछली भी दी जा सकती है। यूरोपीय देशों में हुए एक अध्ययन पता चलता है कि अक्सर 64 या उससे ज्यादा उम्र का हर पांचवां इंसान विटामिन-डी, फ़ोलिक एसिड, कैल्शियम, आयोडीन और सेलेनियम लेता ही नहीं। बुजुर्ग वैसे भी एक छोटे बच्चे के समान होते हैं। उन्हें खाने के लिए मनाना और खिलाना दोनों ही एक चुनौती भरा काम है।