गर्मी का मौसम आते ही हर किसी को ऐसी चीजें पसंद आती हैं जो ठंडक का एहसास दिलाए। इस मौसम में बहुत सारे लोगों को गन्ने का रस पीना पसंद होता है। यह ठंडक का एहसास दिलाने के साथ-साथ शरीर को तरोताजा कर देता है। गर्मी आते ही हर जगह सड़क के किनारे आपको गन्ने का रस दिखाई देने लगता है। यह हमारी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है, लेकिन इसके नुकसान भी कम नहीं हैं।
विज्ञापन
2 of 6
Sugarcane Juice
अगर आप सोचते हैं कि सड़क किनारे 10 रुपये में मिलने वाला गन्ने का जूस आपके लिए फायदेमंद है तो आप गलत सोचते हैं। इसका सेवन करके आप बड़े खतरे में हैं और आपको संभलने की जरूरत है। दरअसल, गन्ने का रस निकालते समय उसमें बर्फ भी मिलाई जाती है। गन्ने और बर्फ दोनों के प्रभाव अलग होते हैं।
विज्ञापन
3 of 6
sugarcane juice
आपके द्वारा बरती गई जरा सी सावधानी आपको बीमारी से बचा सकती है। जब भई आप गन्ने का रस पीने जाएं तो इस बात पर जरूर ध्यान दें कि गन्ने अच्छे से साफ हैं या नहीं। क्योकि बहुत सारी जगह गन्ने की सफाई ठीक से नहीं की जाती है, जिस वजह से उस पर काली फफूंद लग जाती है। कई बार गन्नों पर खेतों की मिट्टी लगी रहती हैं। यहीं से सारी परेशानियों की शुरुआत होती है।
4 of 6
गन्ने का जूस
इसके आलावा क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि जिन हाथों से गन्ने का रस निकाला जा रहा है वह साफ हैं या नहीं। उन्हीं हाथों से गन्ना पकड़ा जाता है, जनरेटर चलाया जाता है मशीन को घुमाया जाता है। हाथ कभी धोए नहीं जाते।
विज्ञापन
5 of 6
sugarcane juice
कई बार गन्ने में लालिमा होती है। ऐसे गन्नों का रस नहीं पीना चाहिए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक। गन्ने में लालिमा को सड़ांध या रेड रॉट डिजीज कहा जाता है। यह एक तरह का फंगस है, जो गन्ने के रस को लाल कर देता है। इससे जूस की मिठास भी कम हो जाती है। फफूंद से हेपेटाइटिस ए, डायरिया और पेट की बीमारियां होती हैं। ये गन्ने सस्ते मिलते हैं और सेहर पर बुरा असर डालते हैं।
डॉक्टर से की गई बातचीत के अनुसार, गन्ने का रस जब भी पिएं तो वहां सफाई पर जरूर ध्यान दें। किसी भी रेहड़ी पर जूस पीने न लग जाएं। अगर कहीं साफ सफाई नहीं है तो ज्वाइंडिस, हेपेटाइटिस, टायफायड, डायरिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं।