Krishna Janmashtami 2023 Mantra:भगवान विष्णु ने भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष और रोहिणी नक्षत्र की अष्टमी को माता देवकी के गर्भ से कृष्ण के रूप में इस धरती पर अवतार लिया था। द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण का जन्म असत्य, अधर्म और पाप के अंत के लिए हुआ था। राजा कंस की जेल में जन्में देवकीनंदन को बचाने के लिए उनके पिता वासुदेव ने उन्हें गोकुल के राजा नंद को सौंप दिया था। बचपन से ही कान्हा ने चमत्कार दिखाने शुरू कर दिए थे। उनकी हर लीला में कोई न कोई संदेश छुपा होता था।
जन्माष्टमी के मौके पर भक्त उपवास करते हैं और श्रद्धाभाव से पूजा अर्चना करते हैं। इस बार कृष्ण जन्माष्टमी की शुरुआत श्रीकृष्ण के शक्तिशाली मंत्रों और श्लोक के जाप से कर सकते हैं। इस कृष्ण जन्माष्टमी अपने करीबियों और परिजनों को कृष्ण के मंत्र भेजकर जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दे सकते हैं।