कम उम्र में ही बाल झड़ने या गंजेपन की परेशानी से जूझ रहे लोगों को लिए तिब्बत का ये आसान सा आर्युवेदिक इलाज फायदेमंद हो सकता है। तिब्बती लोगों के घने और काले बाल देखकर आपको समझ आ ही गया होगा कि ये नुस्खा काफी कारगर है।
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अगर आप बाल घने करने के लिए कई तेल और दवा खाकर देख चुके हैं तो इसे भी आजमा कर देखिए। जानिए इस नुस्खे को बनाने का तरीका ताकि आप भी कम बालों या गंजेपन के चलते शर्मिंदा होने से बचे रह सकें।
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इसके लिए आपको कुछ जड़ी बूटियों की जरूरत होगी जो थोक बाजार में पंसारी की दुकान पर आराम से मिल जाएंगे। सबसे अमरबेल, आंवला और शिकाकाई तथा रीठा को 25 25 ग्राम बराबर मात्रा में खरीद कर ले आएं। पंसारी से ही आपको रतनजोत मिल जाएगा। आमतौर पर रतनजोत जले के उपचार के लिए प्रयोग में लाया जाता है।
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इन चारों को धोकर सुखा लें और बारीक पीस लें। पीसने के लिए मिक्सी का प्रयोग न करें, सिलबट्टे पर पीस लें। अब इस चूरन में सरसों का तेल मिलाकर रख लें। कुछ ही दिन में आप देखेंगे कि इस तेल का रंग लाल हो गया है। अब ये तेल इस्तेमाल के लिए तैयार है।
हर तीन दिन में रात को सोने से पहले इस तेल की अच्छे से मालिश करें और एक कपड़ा सिर पर बांधकर लेट जाएं। अगले दिन सुबह सिर को अच्छे और माइल्ड शैंपू से धो लें। हो सकता है कि कुछ घंटों के लिए आपके सिर पर तेल की लाली दिखाई दे, इसके लिए जब भी संभव हो रात को ही तेल लगाएं।
चंद दिनों में नियमित मालिश से आपको फर्क दिखाई देगा और बालों की संख्या बढ़ जाएगी।