फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gardening Tips: सिर्फ एक बार आजमाएं ये पांच नुस्खे, बगीचा बनेगा कीट-मुक्त और ऑर्गेनिक

Wed, 27 Aug 2025 11:04 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

आपने बड़ी मेहनत से पौधे उगाए। अब कीटों से उनकी रक्षा की चिंता है। इसके लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं, आप कुछ प्राकृतिक उपाय आजमा सकती हैं।
विज्ञापन
1 of 5
गार्डनिंग टिप्स - फोटो : free pik
ज्योति मौर्या

हर बागवानी प्रेमी चाहता है कि उसके पौधे हरे-भरे और स्वस्थ रहें, लेकिन कीट लगने से चिंता बढ़ जाती है। बाजार में मिलने वाले रासायनिक कीटनाशक तुरंत असर तो दिखाते हैं, लेकिन मिट्टी, पौधों और पर्यावरण के लिए हानिकारक होते हैं। बच्चों और पालतू पशुओं पर भी इन का बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए घरेलू और प्राकृतिक उपाय अपनाना बेहतर तथा सुरक्षित विकल्प है, जो पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद हैं और पौधों को नुकसान भी नहीं पहुंचाते।

नीम का तेल

नीम का तेल पौधों के लिए एक अत्यंत लाभकारी प्राकृतिक कीटनाशक है, जिसे कई वैज्ञानिक रिसर्च ने प्रभावी बताया है। इसमें मौजूद एजाडिरेक्टिन नामक तत्व कीटों को नियंत्रित करने में मदद करता है, खासकर एफिड, माइट, व्हाइट फ्लाई जैसे हानिकारक कीटों को। नीम का तेल न केवल कीटों को मारता है, बल्कि पौधों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रखता है। साथ ही नीम तेल मिट्टी की गुणवत्ता भी बढ़ाता है और पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
राख डालें - फोटो : instagram
राख डालें

राख में कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स होते हैं, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं। यह मिट्टी का पीएच संतुलित करती है और पौधों की जड़ों को मजबूत बनाती है। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि राख की मदद से पौधों में पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण होता है, जिससे उनका विकास और स्वास्थ्य बेहतर होता है। साथ ही राख कीटों और फंगस से पौधों की सुरक्षा भी करती है, जिससे फसलों की पैदावार बढ़ती है।
विज्ञापन

3 of 5
लकड़ी बुरादा - फोटो : instagram
लकड़ी का बुरादा

लकड़ी का बुरादा पौधों की देखभाल में बेहद उपयोगी होता है। यह मिट्टी में नमी बनाए रखता है और उसकी उर्वरता बढ़ाने में मदद करता है। बुरादा सूक्ष्म जीवों की वृद्धि को प्रोत्साहित करता है, जिससे पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और उनका बेहतर विकास होता है। साथ ही यह मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखता है और खरपतवार को भी रोकता है। लकड़ी का बुरादा प्राकृतिक और प्रभावी तरीका है पौधों को स्वस्थ रखने का।

4 of 5
milk - फोटो : Adobe stock
सादा दूध

वैज्ञानिक रिसर्च से प्रमाणित है कि सादा दूध पौधों के लिए लाभकारी होता है। असल में, दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देते हैं। दूध का छिड़काव पौधों को फंगल इंफेक्शन से बचाने में मदद करता है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। हालांकि दूध का उपयोग सीमित मात्रा में और पतला करके करना चाहिए, ताकि पौधों को नुकसान न हो और मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हर्बल पानी - फोटो : iStock
हर्बल पानी

यह पानी तुलसी, पुदीना और नीम जैसे औषधीय पौधों के अर्क से बनता है, जो पौधों को रोगों से बचाता है और कीटों को दूर रखता है। साथ ही यह पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देता है, मिट्टी की उर्वरता सुधारता है और पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है। इसके नियमित छिड़काव से पौधे स्वस्थ और हरे-भरे नजर आते हैं। यह रासायनिक कीटनाशकों का एक बेहतर विकल्प है।


पहले जांच कर लें

हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में वनस्पति विज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रोमिला रावत बिष्ट बताती हैं, नीम का तेल, राख, लकड़ी का बुरादा और हर्बल पानी जैसे प्राकृतिक उपाय पौधों को कीटों से बचाते हैं और मिट्टी की उर्वरता तथा पर्यावरण की सुरक्षा में भी मदद करते हैं। रासायनिक कीटनाशकों के मुकाबले ये प्राकृतिक उपाय न सिर्फ सस्ते पड़ते हैं, बल्कि पेड़-पौधों के साथ-साथ बच्चों, पालतू पशुओं और पक्षियों के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित होते हैं। लेकिन याद रखें कि बहुत सी चीजें पौधे की आवश्यकता पर भी निर्भर करती हैं और किसी चीज की भी अधिकता उनके लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए इन उपायों को बगीचे में अपनाने से पहले इसका एक छोटा हिस्सा डालें और सब कुछ सही रहा तो सही मात्रा पौधों में डालें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें