महिलाओं में बढ़ रहा गुस्सा
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क्या था रिपोर्ट में?
अगर आपसे पूछा जाए कि अपने इमोशन्स को महिला और पुरुष में से कौन सबसे अधिक अच्छी तरह काबू करता है तो शायद आप कहें, महिलाएं। ऐसा इसलिए, क्योंकि पुरुषों को गुस्सा जल्दी आता है, जबकि महिलाएं अपनी भावनाओं को मन की गठरी में दबा कर रखना भली-भांति जानती हैं।
2008 का एक अध्ययन भी इस बात की पुष्टि करता है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाएं अपने इमोशन्स पर अच्छी तरह काबू कर लेती हैं। लेकिन गैलप वर्ल्ड पोल इसके उलट आंकड़े पेश करता है। गैलप वर्ल्ड पोल के 2022, 2023 और 2024 के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दशक में पूरी दुनिया में महिलाओं का गुस्सा पुरुषों के मुकाबले ज्यादा बढ़ा है।
गैलप की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं को गुस्सा और वह भी तेज गुस्सा आने लगा है। वे इस समय पुरुषों की तुलना में अधिक गुस्सा महसूस कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक दशक में महिलाओं की भावनात्मक प्रतिक्रियाएं अधिक तीव्र हुई हैं। विशेष रूप से 2023 में दर्ज आंकड़े बताते हैं कि लगभग 23 प्रतिशत महिलाओं ने यह माना कि वे बीते दिन गुस्से में थीं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 20 प्रतिशत था। यह अंतर आपको छोटा लग सकता है, लेकिन यह एक स्पष्ट प्रवृत्ति को दर्शाता है, क्योंकि यह पहली बार है, जब महिलाओं के गुस्से का प्रतिशत पुरुषों से ज्यादा है।
रिपोर्ट में लगभग 40 प्रतिशत महिलाओं ने स्वीकारा कि वे अधिकांश समय चिंता और तनाव महसूस करती हैं, 30 प्रतिशत उदासी का अनुभव करती हैं और 25 प्रतिशत गुस्से का सामना करती हैं। गैलप वर्ल्ड पोल हर साल अपने इस सर्वे में 150 देशों में एक लाख 20 हजार महिला-पुरुषों को शामिल करता है। उनसे दूसरी कई तरह की चीजों के साथ यह सवाल भी करता है कि ‘पिछले दिन वह कौन-सा इमोशन था, जिसे आपने सबसे ज्यादा महसूस किया।’ इसके उत्तर में सामने आया कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में नकारात्मक भावनाओं को अधिक अनुभव करती हैं, जैसे चिंता, तनाव, उदासी और गुस्सा। विशेष रूप से भारत में महिलाओं में गुस्से की भावना पुरुषों की तुलना में अधिक है। महिलाएं 20 प्रतिशत अधिक उदास महसूस करती हैं और 6 प्रतिशत अधिक गुस्से का अनुभव करती हैं, यानी कि भावनाओं की पोटली को बांधे रखने वाली महिलाओं को अब गुस्सा आने लगा है।