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सावधान! भारतीय खाने से गायब हो रहा है पोषक तत्व 'जिंक', बच्चों को रही है गंभीर बीमारी

Thu, 25 Jul 2019 08:16 AM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
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जिंक भी आयरन और कैल्शियम की तरह शरीर के कार्य के लिए बहुत आवश्यक पोषक तत्व है। खाने में जिंक का होना उतना ही जरूरी है जितना बाकि तत्वों का होता है। यह हमारी रोग-प्रतिरोधक प्रणाली, त्वचा के स्वास्थ्य तथा जख्मों के उपचार में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी हल्की-सी कमी के चलते प्रतिरोधक क्षमता में कमी, दृष्टि कम होने जैसी कई समस्याएं पैदा हो जाती हैं। कुपोषण दूर करने के प्रयासों के बावजूद भारतीय आबादी के भोजन में जिंक की मात्रा लगातार कम हो रही है। 
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भारतीय और अमेरिकी शोधकर्ताओं के एक नए अध्ययन में यह बात उभरकर आयी है। वर्ष 1983 में भारतीय लोगों के आहार में अपर्याप्त जिंक के सेवन की दर 17 प्रतिशत थी जो वर्ष 2012 में बढ़कर 25 प्रतिशत हो गई। इसका अर्थ है कि 1983 की तुलना में वर्ष 2012 में 8.2 करोड़ लोग जिंक की कमी का शिकार हुए हैं। जिंक के अपर्याप्त सेवन की दर चावल का ज्यादा उपभोग करने वाले दक्षिण भारतीय और पूर्वोत्तर राज्यों, जैसे- केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, मणिपुर और मेघालय में अधिक देखी गई है।
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- फोटो : social media
जिंक की कमी से छोटे बच्चों के मलेरिया, निमोनिया और दस्त संबंधी बीमारियों से पीड़ित होने का खतरा रहता है। शोधकर्ताओं ने भारतीय आहार पैटर्न पर आधारित विस्तृत सर्वेक्षण आंकड़ों का उपयोग किया है ताकि यह अनुमान लगाया जा सके कि बदलते वातावरण में अपर्याप्त जिंक सेवन की दर कैसे बदल सकती है। भोजन में जिंक की मात्रा कम होने का कारण भारतीय लोगों के आहार से जौ, बाजरा, चना जैसे मोटे अनाजों का गायब होना भी जिम्मेदार है। इसके अलावा, पैकेजिंग में मिलने वाले आटे का उपयोग भी जिंक के अपर्याप्त सेवन से जुड़ा एक प्रमुख कारक है।  यह अध्ययन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑप पब्लिक हेल्थ, नई दिल्ली, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस, हैदराबाद और अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय एवं हार्वर्ड टीएच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं ने मिलकर किया है। औसत भारतीय के लिए जिंक की आवश्यकता पांच प्रतिशत बढ़ गई है क्योंकि वयस्कों को बच्चों की तुलना में अधिक जिंक की आवश्यकता होती है। 

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जिंकयुक्त आहार खाएं 
लहसुन

लहसुन में भी बहुत जिंक पाया जाता है। साथ ही प्रतिदिन लहसुन की एक कली के सेवन से शरीर को विटामिन ए, बी और सी के साथ आयोडीन, आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्व एक साथ मिल जाते हैं।
मूंगफली 
मूंगफली जिंक का सबसे अच्छा स्रोत है। साथ ही इसमें आयरन, विटामिन ई, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फोलिक एसिड तथा फाइबर भी होता है। 

 
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तिल
तिल में बहुत अधिक मात्रा में जिंक पाया जाता है। साथ ही इसमें कई प्रकार के प्रोटीन, कैल्शियम, बी काम्प्लेक्स और कार्बोहाइट्रेड आदि तत्व पाये जाते हैं।
अलसी 
अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड के अलावा जिंक भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में विशेष रूप से सहायक है। साथ ही अलसी के बीजों में कैल्शियम, आयरन, विटामिन बी व विटामिन ई होता है। ये बीज एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। इन का सेवन करने से कब्ज दूर होती है। अस्थमा के रोगियों के लिए इन बीजों का सेवन विशेष उपयोगी है।
 
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