पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि देश के कई हिस्सों में सडेन हार्ट अटैक के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं।
डीजे पर डांस करते हुए, पार्टी का आनंद लेत हुए और ऑफिस में काम करते-करते हार्ट अटैक और इसके कारण होने वाली मौतों के बारे में आपने भी जरूर सुना होगा। पिछले एक सप्ताह में सडेन हार्ट अटैक के ऐसे ही दो मामलों ने लोगों में एक बार फिर से डर बढ़ा दिया है।
31 मई को मध्यप्रदेश के इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त फौजी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इसी तरह से 3 जून को मुंबई के मीरा रोड इलाके में क्रिकेट खेलते समय एक युवक अचानक गिर गया और उसकी मौत हो गई। मौत के लिए कार्डियक अरेस्ट को ही कारण माना जा रहा है, हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। इसी तरह से जनवरी में नोएडा में भी मैदान पर खेलते समय दिल का दौरा पड़ने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
युवाओं, विशेषकर अच्छी फिटनेस वाले लोगों में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या इन घटनाओं के लिए कोविड वैक्सीन जिम्मेदार है या फिर कुछ और? हार्ट अटैक के मामले आखिर क्यों बढ़ रहे हैं? आइए इस बारे में डॉक्टर से समझते हैं।