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Health Tips: आंखों का पीला होना कहीं 'पीलिया' का संकेत तो नहीं, जानें इस बीमारी के शुरुआती लक्षण

Thu, 20 Nov 2025 06:07 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Early Signs of Jaundice: पीलिया एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है, लेकिन अगर इस लक्षणों को समय रहते पहचान लिया गया तो सही उपचार से इसे जड़ से ठीक किया जा सकता है। इस बीमारी का शुरुआती लक्षणों में आंखों का रंग पीला होने लगता है। आइए इस लेख में इसके लक्षणों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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पीलिया - फोटो : Amar Ujala
Yellow Eyes Jaundice: पीलिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का लक्षण है जिसमें त्वचा और आंखों का सफेद भाग पीला पड़ जाता है। इसे विज्ञान की भाषा में जॉन्डिस कहते हैं। यह पीलापन रक्त में बिलीरुबिन नामक पीले रंग के पिगमेंट के अत्यधिक जमाव के कारण होता है। बिलीरुबिन लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने से बनता है और सामान्य रूप से लिवर इसे संसाधित करके पित्त के माध्यम से शरीर से बाहर निकाल देता है। 

जब लिवर ठीक से काम नहीं करता, पित्त नलिकाएं अवरुद्ध हो जाती हैं, या लाल रक्त कोशिकाएं तेजी से टूटने लगती हैं, तो बिलीरुबिन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे पीलिया होता है। पीलिया बच्चों और वयस्कों दोनों को हो सकता है, और यह अक्सर हेपेटाइटिस, पित्ताशय की पथरी, या अन्य गंभीर लिवर रोगों का शुरुआती संकेत होता है। इसलिए अगर किसी के आंखों या त्वचा का रंग पीला पड़ने लगे तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना चाहिए, क्योंकि यह आपके लिवर में गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
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पीलिया - फोटो : Adobe Stock
पीलिया के शुरुआती और प्रमुख लक्षण
पीलिया का सबसे स्पष्ट शुरुआती लक्षण तो आंखों का पीला होना ही है, लेकिन इसके साथ कुछ अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं। इनमें त्वचा का रंग गहरा पीला या नारंगी हो जाना, पेशाब का रंग बहुत गहरा (बिना दूध के चाय के रंग जैसा) हो जाना और मल का रंग हल्का (मिट्टी जैसा) हो जाना शामिल है।

इसके अलावा मरीज को तेज खुजली महसूस हो सकती है, क्योंकि बिलीरुबिन त्वचा के नीचे जमा होने लगता है। सामान्य फ्लू जैसे लक्षण, जैसे हल्का बुखार, थकान, और पेट दर्द भी पीलिया की शुरुआत में दिखाई दे सकते हैं।

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लिवर - फोटो : Freepik.com
लिवर और पाचन से जुड़े अन्य लक्षण
पीलिया होने पर लिवर पर तनाव पड़ने के कारण पाचन संबंधी समस्याएं भी होती हैं। मरीज को लगातार मतली, उल्टी, और भूख में कमी महसूस हो सकती है। पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में (जहां लिवर स्थित होता है) दर्द या बेचैनी का अनुभव होना भी एक आम लक्षण है। अगर पीलिया पित्ताशय की पथरी के कारण पित्त नलिकाओं में रुकावट से हुआ है, तो दर्द तेज हो सकता है, जिसके लिए तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है।

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पीलिया - फोटो : Adobe stock photos
विटामिन B12 की कमी और पीलिया का संबंध
कुछ प्रकार का पीलिया विटामिन B12 की गंभीर कमी से शुरू हो सकता है, जिसके कारण पर्निशियस एनीमिया होता है। इसमें लाल रक्त कोशिकाएं असामान्य रूप से बड़ी हो जाती हैं और जल्दी टूट जाती हैं, जिससे बिलीरुबिन का स्तर बढ़ जाता है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि विटामिन B12 की कमी पीलिया को जन्म दे सकती है, लेकिन पीलिया होने के बाद केवल विटामिन B12 सप्लीमेंट खाने से इसे ठीक या रोका नहीं जा सकता। पीलिया के सही उपचार के लिए, डॉक्टर द्वारा निदान किए गए मूल कारण (जैसे वायरल हेपेटाइटिस, रुकावट या एनीमिया) का उचित चिकित्सा उपचार कराना आवश्यक है।
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डॉक्टर - फोटो : Freepik.com
कब करें डॉक्टर से संपर्क?
अगर आपको अपनी आंखों या त्वचा में पीलापन दिखे, पेशाब का रंग असामान्य रूप से गहरा हो, या बिना कारण के तेज खुजली हो, तो देरी किए बिना डॉक्टर से संपर्क करें। पीलिया का कारण जानने के लिए लिवर फंक्शन टेस्ट और अन्य ब्लड टेस्ट करवाना आवश्यक है। सही समय पर कारण का पता लगाकर हेपेटाइटिस, लिवर सिरोसिस, या पित्त नलिका में रुकावट जैसी गंभीर समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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