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Year Ender 2022: इस साल इन चार बीमारियों ने किया खूब परेशान, कुछ समस्याओं का खतरा अब भी बरकरार

Thu, 15 Dec 2022 02:37 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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साल 2022 में परेशान करने वाली बीमारियां - फोटो : AmarUjala Graphic
साल 2022 अपनी समाप्ति की तरफ अग्रसर है। यह साल कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के लिए याद किया जाता रहेगा। सेहत के नजरिए से बात करें तो एक तरफ जहां पिछले तीन साल से जारी कोरोना महामारी की रफ्तार में इस साल कमी देखी गई वहीं कुछ गंभीर और संक्रामक बीमारियों ने लोगों को खूब परेशान किया। महामारी झेल रहे पूरे विश्व में साल 2022 में लाइफस्टाइल से संबंधित कई सुधार जरूर देखे गए।

साल की शुरुआत में देश में कोरोना की तीसरी लहर का असर देखने को मिला हालांकि वैक्सीनेशन की बढ़ी रफ्तार और सामाजिक जागरूकता के चलते यह जल्द ही खत्म भी हो गया। कोरोना की पाबंदियों से मिली छूट के बाद लोगों ने जिम-व्यायाम जाना शुरू किया, लेकिन मंकीपॉक्स और टोमैटू फ्लू जैसे संक्रमण हमेशा मन में डर बनाए हुए थे। 

कुछ ही दिनों में हम नए साल में प्रवेश करने जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हम सभी को अपनी सेहत को लेकर सचेत रहने की आवश्यकता है। दिनचर्या और आहार को ठीक रखना सभी के लिए आवश्यक है, यह आपको गंभीर बीमारियों के जोखिम से बचाने में काफी मददगार हो सकती है। फिलहाल आइए साल 2022 में कई स्तर पर चुनौतियां खड़ी करने वाली इन बीमारियों पर एक नजर डालते हैं।
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कोरोना संक्रमण का जोखिम - फोटो : istock
कोविड-19: तीसरी लहर की रफ्तार रही हल्की

दिसंबर 2019 में वैश्विक स्तर पर फैली कोरोना महामारी का असर इस साल भी जारी रहा, हालांकि इसकी गंभीरता कम देखी गई। साल की शुरुआत से ही ओमिक्रॉन वैरिएंट काफी प्रभावी रहा, जिसके कारण जनवरी-फरवरी में संक्रमण की तीसरी लहर देखने को मिली, हालांकि संक्रमण के लक्षण और गंभीरता काफी कम रही। तमाम अध्ययनों में कोरोना की गंभीरता को कम करने के लिए तीसरे डोज की आवश्यकताओं पर जोर दिया जा रहा था, इसी को ध्यान में रखते हुए 10 जनवरी 2022 से स्वास्थ्य कर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए वैक्सीन की तीसरी खुराक की शुरुआत की गई।

कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट में इस साल कई म्यूटेशन देखे गए। ज्यादातर म्यूटेशन्स को अधिक संक्रामता वाला बताया गया, जो वैक्सीनेशन से शरीर में बनी प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा देकर लोगों में संक्रमण का कारण बन सकती है। फिलहाल, कोरोना का खतरा अब भी जारी है, स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों से लगातार सावधानी बरतते रहने की अपील करते हैं।
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मंकीपॉक्स रोग की स्थिति - फोटो : ANI
मंकीपॉक्स मे बढ़ाई मुश्किलें

कोरोना के जारी संक्रमण के बीच मंकीपॉक्स संक्रमण का खतरा भी इस बार देखने को मिला। आमतौर पर अफ्रीका के जंगली इलाकों में फैलने वाले इस संक्रमण का असर इस साल दुनिया के कई देशों में देखने को मिला। यूरोपीय देशों के साथ भारत में भी इसके मामले रिपोर्ट किए गए। 14 जुलाई को पहली बार भारत में इस संक्रमण के मामले की पुष्टि केरल में की गई।

वैश्विक स्तर पर बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने 23 जुलाई को इसे स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया। भारत में फिलहाल मंकीपॉक्स संक्रमण को कंट्रोल कर लिया गया है।

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टोमैटो फ्लू के कारण और इलाज - फोटो : istock
बच्चों में दिखा टोमैटो फ्लू का खतरा

साल 2022 में सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बीमारियों में टोमैटो फ्लू भी शामिल है। जुलाई-अगस्त के महीनों में देश में अचानक से टोमैटो फ्लू संक्रमण के मामलों में तेजी रिपोर्ट की गई। छोटे बच्चों में इस संक्रमण का जोखिम अधिक होता है, जिसमें संक्रमित बच्चों में तेज बुखार, जोड़ों में दर्द के साथ त्वचा पर लाल रंग के फफोले देखे जाते हैं। इस संक्रामक रोग के कारण अस्पतालों में तेजी से भीड़ बढ़ने लगी हालांकि समय रहते इसके संक्रमण को कंट्रोल कर लिया गया।
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हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा - फोटो : istock
हार्ट अटैक-कार्डियक अरेस्ट का जोखिम
 
साल 2022 में जिस समस्या ने सबसे अधिक लोगों को प्रभावित किया वह है- हार्ट अटैक-कार्डियक अरेस्ट का खतरा। इस साल लोगों में सडेन हार्ट अटैक के मामले आश्चर्यजनक रूप से काफी अधिक देखे गए। खतरा कम उम्र के लोगों में भी बरकरार है। शादी-उत्सवों के दौरान हार्ट अटैक, काम करते हुए दिल का दौरा पड़ने के कारण कई लोगों की मौत हुई। यह जोखिम अब भी बना हुआ है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी उम्र के लोगों को हृदय स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की जरूरत है। साल 2023 में इस जोखिम को कम करने के लिए निरंतर प्रयास की आवश्यकता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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