कोरोना संक्रमण का जोखिम
- फोटो : istock
कोविड-19: तीसरी लहर की रफ्तार रही हल्की
दिसंबर 2019 में वैश्विक स्तर पर फैली कोरोना महामारी का असर इस साल भी जारी रहा, हालांकि इसकी गंभीरता कम देखी गई। साल की शुरुआत से ही ओमिक्रॉन वैरिएंट काफी प्रभावी रहा, जिसके कारण जनवरी-फरवरी में संक्रमण की तीसरी लहर देखने को मिली, हालांकि संक्रमण के लक्षण और गंभीरता काफी कम रही। तमाम अध्ययनों में कोरोना की गंभीरता को कम करने के लिए तीसरे डोज की आवश्यकताओं पर जोर दिया जा रहा था, इसी को ध्यान में रखते हुए 10 जनवरी 2022 से स्वास्थ्य कर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए वैक्सीन की तीसरी खुराक की शुरुआत की गई।
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट में इस साल कई म्यूटेशन देखे गए। ज्यादातर म्यूटेशन्स को अधिक संक्रामता वाला बताया गया, जो वैक्सीनेशन से शरीर में बनी प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा देकर लोगों में संक्रमण का कारण बन सकती है। फिलहाल, कोरोना का खतरा अब भी जारी है, स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों से लगातार सावधानी बरतते रहने की अपील करते हैं।