डायबिटीज दुनियाभर में तेजी से बढ़ती बीमारी है, इसके कम उम्र में ही लोग शिकार होते जा रहे हैं। डायबिटीज पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो इसका आंख, किडनी, तंत्रिकाओं सहित कई अन्य अंगों पर भी असर हो सकता है। टाइप-1 डायबिटीज वाले या फिर जिन लोगों का शुगर लेवल अक्सर हाई रहता है उन्हें डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए रोजाना इंसुलिन के इंजेक्शन लेने की जरूरत होती है।
- आंकड़ों से पता चलता है कि दुनियाभर में 150 मिलियन (15 करोड़) से ज्यादा लोग डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए रोजाना इंसुलिन इंजेक्शन पर निर्भर हैं। हालांकि, ग्लोबल हेल्थ रिपोर्ट से एक गंभीर असमानता का भी पता चलता है।
- जिन लोगों को चिकित्सकीय रूप से इंसुलिन की जरूरत होती है, उनमें से केवल आधे लोगों को ही असल में यह दवा मिल पाती है।
- सब-सहारा अफ्रीका जैसे इलाकों में तो यह पहुंच सात में से सिर्फ एक व्यक्ति तक ही सीमित है।
गंभीर स्थितियों में लोगों को दिन में दो-तीन बार तक इंसुलिन लेना पड़ सकता है। हालांकि ऐसे लोगों के लिए अब अच्छी खबर है। दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने भारत में दुनिया का पहला लॉन्ग-एक्टिंग साप्ताहिक इंसुलिन इंजेक्शन- 'अविक्ली' लॉन्च किया है। अब रोज-रोज इंजेक्शन लगाने के बजाय सिर्फ सप्ताह में एक बार इंसुलिन लेना होगा। ये दवा पूरे हफ्ते तक आपके शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने में मददगार हो सकती है।