फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World TB Day: खांसी ने कर दिया है परेशान, ये नॉर्मल खांसी है या फिर टीबी? डॉक्टर ने बताया कैसे करें अंतर

Tue, 24 Mar 2026 07:52 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टीबी का सबसे आम लक्षण है तीन हफ्तों से ज्यादा समय तक लगातार खांसी आना। कई लोग लंबे समय तक खांसी को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह टीबी का शुरुआती संकेत हो सकता है। इनमें अंतर कैसे करें, आइए समझते हैं।
विज्ञापन
1 of 5
क्या आपको भी आ रही है लगातार खांसी? - फोटो : Amarujala.com
ट्यूबरकुलोसिस या टीबी फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी है, ये जानलेवा भी हो सकती है। माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होने वाला ये संक्रमण फेफड़ों को प्रभावित करता है, जिसके कारण सांस लेने में तकलीफ, खांसी आते रहने के साथ श्वसन से संबंधित कई अन्य तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। 

आंकड़ों के मुताबिक साल 2023 में भारत में टीबी के 25.37 लाख से अधिक मामले सामने आए। दुनियाभर में टीबी के मामलों का 25% से ज्यादा अकेले भारत से रिकॉर्ड किया जाता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में टीबी के मामलों में थोड़ी गिरावट जरूर आई है फिर भी ये बीमारी भारतीय आबादी के लिए गंभीर चिंता का कारण बनी हुई है। गौरतलब है कि सरकार ने साल 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने की लक्ष्य निर्धारित किया था, हालांकि ये बीमारी है कि जाने का नाम ही नहीं ले रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, समय पर बीमारी की पहचान न होना टीबी के खतरे को बढ़ा देता है। कैसे जानें आपकी खांसी कहीं टीबी तो नहीं?
विज्ञापन

2 of 5
विश्व टीबी दिवस 2026 - फोटो : Amarujala.com
खांसी को सामान्य समझकर न करें नजरअंदाज

टीबी रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने, टीबी की वैश्विक महामारी और इस बीमारी को खत्म करने के प्रयासों को और तेज करने के उद्देश्य से हर साल 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस (World tuberculosis day) मनाया जाता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, समय पर पहचान और सही इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है हालांकि ज्यादातर लोग में इसका पता तब चल पाता है जब तक बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है। कई लोग लंबे समय तक खांसी को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह टीबी का शुरुआती संकेत हो सकता है। 

टीबी का संक्रमण हवा के जरिए एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है, ऐसे में अगर किसी को टीबी है और उसे इसकी जानकारी नहीं है तो वह जाने-अनजाने बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमित कर सकता है।
विज्ञापन

3 of 5
फेफड़ों की बीमारी, टीबी - फोटो : Adobe Stock
टीबी की पहचान क्या है?

अमर उजाला से बातचीत में श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ विक्रमजीत सिंह बताते हैं, तीन हफ्तों से ज्यादा समय तक खांसी रहना, बलगम आना और कुछ मामलों में बलगम से खून आना टीबी का आम संकेत माना जाता है। 
 
  • मरीज को हल्का बुखार, पसीना आने, वजन कम होने, भूख न लगने और लगातार कमजोरी महसूस होने जैसी दिक्क्तें भी बनी रहती हैं। 
  • टीबी के कारण छाती में दर्द या सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है।

खांसी आते रहना इस बीमारी की सबसे प्रमुख लक्षण है, पर ये कैसे जानें कि आपकी खांसी नॉर्मल है या फिर टीबी?

4 of 5
बार-बार खांसी आना टीबी तो नहीं है? - फोटो : Freepik.com
नॉर्मल खांसी और टीबी की खांसी में अंतर

डॉ विक्रमजीत सिंह बताते हैं, नॉर्मल खांसी और टीबी की खांसी में अंतर आसानी से अंतर किया जा सकता है।
 
  • सर्दी या एलर्जी के कारण होने वाली खांसी आमतौर पर 5-7 दिनों में ठीक हो जाती है। हालांकि टीबी की खांसी लंबे समय तक या महीनों तक बनी रहती है। 
  • टीबी की खांसी के साथ अक्सर बुखार, रात में पसीना आने, बिना किसी वजह के वजन कम होने और सीने में दर्द जैसे लक्षण होते हैं। जबकि सामान्य खांसी में ये दिक्कतें नहीं होती हैं। 
  • टीबी की खांसी में गाढ़ा कफ निकलता है, जो अक्सर पीले या हरे रंग का होता है, इसमें खून भी हो सकता है। जबकि सामान्य खांसी अक्सर सूखी होती है या साफ बलगम वाली होती है। 
  • टीबी की खांसी ठीक होने में वक्त लगता है जबकि सामान्य खांसी घरेलू उपाय और सामान्य दवाओं से ठीक हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
टीबी का समय रहते उपचार जरूरी - फोटो : Adobe Stock
टीबी से बचाव के लिए क्या करें?

डॉक्टर कहते हैं,  टीबी को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है, बस समय पर इसके लक्षणों की पहचान और इलाज होना जरूरी है। टीबी के दवाओं की कोर्स  6 महीने तक चलती है जिसमें बिना गैप किए  पूरा कोर्स करना जरूरी है।
 
  • अगर तीन हफ्तों से ज्यादा खांसी हो रही है, तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच जरूर कराएं। 
  • संतुलित आहार, साफ-सफाई, भीड़भाड़ से बचाव करना श्वसन संक्रमण से बचाव के लिए सबसे अच्छा तरीका है। 
  • अगर आपकी जानकारी में कोई टीबी का मरीज है तो उसके निकट संपर्क से बचना चाहिए।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें