टीबी के जंग में कहां आ रही है बाधा
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आखिर टीबी पर जीत में बाधा कहां आ रही है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, टीबी की रोकथाम और इलाज के लिए व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं लेकिन कई चुनौतियां हैं जो इस बीमारी को खत्म करने में बाधा डाल रही हैं।
- भारत की विशाल जनसंख्या के कारण टीबी का बोझ बहुत अधिक है। दुनिया के सभी टीबी मामलों में से लगभग 25 % भारत से हैं और यह देश अभी भी सबसे अधिक मामलों वाला देश है।
- भारत में दवा-प्रतिरोधी टीबी के बढ़ते मामले भी चिंता का कारण बने हुए हैं। जब मरीज पूरे इलाज को समय पर पूरा नहीं करता या गलत दवा लेता है, तो बैक्टीरिया दवाओं के प्रति प्रतिरोधक बन जाते हैं। इससे इलाज कठिन हो जाता है।
- ग्रामीण, आदिवासी और कई इलाकों में जांच सुविधा की कमी के कारण मरीजों में देर से बीमारी का पता चल पाता है जहां से इलाज मुश्किल हो जाता है।
- कुपोषण, स्वास्थ्य-जागरूकता की कमी और सामाजिक कलंक के चलते कई लोग बीमारी को छिपाते हैं या इलाज पूरा नहीं करते, जिससे संक्रमण फैलता रहता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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