हार्ट अटैक और स्ट्रोक दो ऐसी स्थितियां हैं, जिसके कारण दुनियाभर में सबसे अधिक मौत के मामले रिकॉर्ड किए जाते हैं। स्ट्रोक को ब्रेन अटैक भी कहा जाता है, यह तब होता है जब कोई चीज मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति को अवरुद्ध कर देती है। मस्तिष्क में रक्त वाहिकाओं के फट जाने के कारण भी स्ट्रोक हो सकता है। स्ट्रोक के कारण स्थायी रूप से ब्रेन डैमेज, विकलांगता या गंभीर स्थितियों में मृत्यु भी हो सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में हर साल 1.5 करोड़ से अधिक लोगों को स्ट्रोक होता है जिसमें से 50 लाख से अधिक की मौत हो जाती है।
स्ट्रोक के बढ़ते जोखिमों की रोकथाम और उपचार के बारे में जागरूकता बढ़ाने और स्ट्रोक के शिकार लोगों को बेहतर देखभाल सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से हर साल 29 अक्तूबर को विश्व स्ट्रोक दिवस मनाया जाता है। आइए समझते हैं कि स्ट्रोक का खतरा क्यों बढ़ रहा है और किन बातों का ध्यान रखकर इस समस्या से बचाव किया जा सकता है?