प्रसवोत्तर अवसाद के मामले दुनियाभर में डिप्रेशन के प्रमुख प्रकारों में से एक हैं। बच्चे के जन्म के बाद मां को अवसाद होने का खतरा रहता है, जिसके गंभीर रूप लेने का भी जोखिम हो सकता है। यूएस फूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने दुनिया की पहली पोस्टपार्टम पिल को मंजूरी दे दी है, माना जा रहा है कि इससे अवसाद के जोखिमों को कम करने में विशेष लाभ मिल सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रसवोत्तर अवसाद (पीपीडी) के इलाज के लिए यहां बायोजेन और सेज थेरेप्यूटिक्स की पिल को मंजूरी दी गई है, कंपनी ने जुर्ज़ुवे नाम से दवा के लिए मंजूरी मांगी थी।
यहां जानना जरूरी है कि पोस्टपार्टम डिप्रेशन, बच्चे को जन्म देने के बाद होने वाली अवसाद की समस्या है, जिसकी शिकार महिला को अत्यधिक दुःख और निराशा की समस्या बनी रहती है। यह संभावित रूप से नवजात बच्चे के साथ मां के रिश्ते को भी प्रभावित कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पीपीडी की शिकार महिला को समय रहते लक्षणों की पहचान करना और इसका उपचार कराना आवश्यक हो जाता है।