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अजब: एक ही समय में कोविड-19, मंकीपॉक्स और HIV से संक्रमित मिला शख्स, दुनिया का पहला ऐसा मामला

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कोविड-19, मंकीपॉक्स और एचआईवी का एक साथ संक्रमण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
दुनिया के कई हिस्सों में ढाई साल से अधिक समय से जारी कोरोना महामारी के बीच इस साल कई तरह के और भी संक्रमण के मामले बढ़े हुए देखे गए हैं। भारत सहित कई देशों में कोरोना के नए वैरिएंट्स के साथ मंकीपॉक्स और टोमैटो फीवर के भी मामले रिपोर्ट किए गए। इस तरह के संक्रमण को विशेषज्ञ काफी गंभीर जटिलताओं वाला मानते हैं। क्या हो अगर किसी व्यक्ति में एक साथ कोविड-19, मंकीपॉक्स और कोई अन्य बीमारी हो जाए? 

हाल ही में ऐसे ही एक अचंभित कर देने वाले मामले में, इटली के एक व्यक्ति में एक ही समय पर कोविड-19, मंकीपॉक्स और एचआईवी संक्रमण के बारे में पता चला है। यह दुनिया का पहला डॉक्यूमेंटेड केस है जिसमें किसी व्यक्ति में एक साथ ये तीनों संक्रमण देखे गए हैं।

मेडिकल रिपोर्टस में डॉक्टर्स बताते हैं, यह अपने आपमें अनोखा केस है जहां पर व्यक्ति को एक ही समय में तीन गंभीर बीमारियों का शिकार पाया गया है। 36 वर्षीय इस युवक में कई तरह के लक्षणों की शिकायत के बाद जांच के आधार पर इसकी पुष्टि की गई है। संक्रमित की हाल ही में कई देशों की यात्रा का इतिहास भी रहा है, साथ ही उसने स्वीकारा है कि विदेश यात्रा के दौरान उसके कई लोगों के साथ असुरक्षित यौन संबंध भी रहे थे। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है, डॉक्टरों के मुताबिक उसमें कोविड-19 और मंकीपॉक्स के लक्षण ठीक हो रहे हैं। 

इस मामले में बड़ा सवाल यह है कि एक साथ इन तीन बीमारियों का शरीर पर किस प्रकार से असर हो सकता है, यह कितनी गंभीर समस्याओं का कारण बनती है, आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं।
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एक साथ तीन वायरस का संक्रमण (सांकेतिक) - फोटो : PTI
केस के अध्ययन में क्या पता चला?

जर्नल ऑफ इंफेक्शन
में प्रकाशित इस केस के विवरण से पता चलता है कि किसी भी व्यक्ति में एक साथ दो या उससे अधिक संक्रमण हो सकते हैं। शोधकर्ता कहते हैं, इस केस से समझने को मिलता है कि मंकीपॉक्स और कोविड -19 लक्षण कैसे ओवरलैप हो सकते हैं? एनामेनेस्टिक कलेक्शन के आधार पर सही निदान किया जा सकता है। इससे रोगी की मेडिकल हिस्ट्री को पता करना आसान होता है।

इस केस में खास बात यह है कि जिन तीन बीमारियों का व्यक्ति में पता चला है उसमें से एक को एंडमिक और दूसरे को पेंडमिक घोषित किया जा चुका है। यह बताता है कि दुनियाभर में इस समय कोविड-19 और मंकीपॉक्स का संक्रमण जारी है।
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मंकीपॉक्स संक्रमण के बढ़ रहे हैं कई देशों में मामले - फोटो : istock
सबसे पहले कोरोना के थे लक्षण, फिर मंकीपॉक्स का पता चला

इस अध्ययन की रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने बताया कि मंकीपॉक्स और सार्स सीओवी-2 का संक्रमण एक साथ हो सकता है। इस संक्रमित व्यक्ति को जून के आखिरी हफ्ते में स्पेन की यात्रा से लौटने के 9 दिनों बाद पहली बार बुखार, गले में खराश और सिरदर्द जैसे लक्षणों को अनुभव हुआ था। जांच में इसका कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आया। अगले ही दिन उसने हाथ पर दाने होने की भी शिकायत की। कुछ दिनों में ये दाने पूरे शरीर में बढ़ने लगे। लक्षणों और हाल ही में स्पेन की यात्रा के आधार पर, डॉक्टरों ने व्यक्ति में कोविड-19 के साथ मंकीपॉक्स संक्रमण की भी पुष्टि की।

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व्यक्ति में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि - फोटो : iStock
एचआईवी संक्रमण की भी पुष्टि

मंकीपॉक्स के लिए चूंकि यौन संबंधों को एक कारक के तौर पर देखा जा रहा है, ऐसे में इसकी पूछताछ में व्यक्ति ने बताया कि स्पेन में रहते हुए उसने कई पुरुषों के साथ असुरक्षित यौन संबंध भी बनाए थे। इससे पहले भी उसके असुरक्षित यौन संबंधों की हिस्ट्री रह चुकी है। आगे की जांच में उसमें एचआईवी संक्रमण की भी पुष्टि की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक व्यक्ति में ओमिक्रॉन BA.5.1 वैरिएंट के कारण कोरोना का संक्रमण है। फिलहाल इलाज के माध्यम से संक्रमित में कोविड-19 और मंकीपॉक्स के लक्षणों को काफी हद तक कंट्रोल कर लिया गया है। 
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इम्युनोसुप्रेशन लोगों में को इंफेक्शन का खतरा - फोटो : istock
क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?

अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि वैसे तो यह तीन बीमारियों के एक साथ निदान का पहला मामला है, पर ऐसी दिक्कत किसी को भी हो सकती है। कम प्रतिरक्षा वाले लोगों में पहले भी को-इंफेक्शन के मामले देखे जाते रहे हैं। ऐसे लोगों में एक साथ कई तरह के संक्रमण होने का जोखिम अधिक हो सकता है। इम्युनोसुप्रेशन लोगों में किसी भी प्रकार के संक्रमण के दौरान डॉक्टरों को अन्य संभावित जोखिमों की भी जांच जरूर करनी चाहिए।
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को-इंफेक्शन कितना खतरनाक - फोटो : istock
कितनी गंभीर हो सकती है एक साथ कई बीमारियों की स्थिती

अमर उजाला से बातचीत में मुंबई में संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ डॉ एम.आर. शेख बताते हैं, को-इंफेक्शन होने का यह मतलब नहीं है कि रोगी ठीक नहीं हो सकता है। समय पर अगर स्थितियों का पता चल जाए और व्यक्ति का इलाज शुरू कर दिया जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। भले ही भारत में बहुत अधिक मंकीपॉक्स के मामले नहीं हैं, फिर भी इन दिनों स्वाइन फ्लू और मौसमी फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं। वहीं कोविड-19 भी नए वैरिएंट्स के साथ अधिक संक्रामक होता जा रहा है। ये स्थितियां भी को-इंफेक्शन का कारण बन सकती है। जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है उन्हें इस तरह के खतरे को लेकर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। 


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स्रोत और संदर्भ
First case of monkeypox virus, SARS-CoV-2 and HIV co-infection

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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