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विश्व रोगी सुरक्षा दिवस: ICU में अपनों की भीड़ क्यों है मरीज के लिए खतरनाक? एक्सपर्ट से जानें

Tue, 15 Sep 2026 05:21 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 World Patient Safety 2026: जब भी किसी के जानने वाले अस्पताल में भर्ती होते हैं तो लोग उन्हें देखने पहुंच जाते हैं। लेकिन अगर आप किसी अपने को आईसीयू में देखने जा रहे हैं तो ये खबर अवश्य पढ़ें। 
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ICU में अपनों की भीड़ क्यों है मरीज के लिए खतरनाक? - फोटो : AI
 World Patient Safety 2026: जब कोई अपना गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती होता है, तो स्वाभाविक तौर पर परिवार के कई लोग उसे देखने पहुंचते हैं। लेकिन ICU ऐसा स्थान है जहां संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता, शोर का स्तर और मरीज को पर्याप्त आराम मिलना बेहद जरूरी होता है। ज्यादा लोगों का एक साथ ICU में आना इन सभी चीजों को प्रभावित कर सकता है। इससे संक्रमण फैलने का जोखिम बढ़ सकता है और गंभीर मरीज की देखभाल में बाधा भी आ सकती है।

यही वजह है कि अस्पतालों में ICU विजिटिंग के लिए सीमित संख्या, तय समय और संक्रमण से बचाव के नियम बनाए जाते हैं। विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2026 के मौके पर परिवार के लिए भावनात्मक समर्थन और मरीज की सुरक्षा के बीच संतुलन समझना जरूरी है। यहां हम आपको इसी बारे में जानकारी देंगे। 
 
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ICU में अपनों की भीड़ क्यों है मरीज के लिए खतरनाक? - फोटो : AI
परिवार की भीड़ ICU मरीज के लिए कैसे खतरा बन सकती है?

1. इन्फेक्शन का सबसे बड़ा जोखिम

ICU में भर्ती मरीज की रोग-प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी पहले से ही बहुत कमजोर होती है। शरीर पर कई जगह नली, कैथेटर और घाव होते हैं। ऐसे में एक ही कमरे में 4-5 लोगों के आने-जाने से बाहर के बैक्टीरिया, वायरस सीधे अंदर आ जाते हैं। एक स्टडी कहती है कि ICU में 1 विजिटर बढ़ने पर इन्फेक्शन का खतरा 15-20% तक बढ़ जाता है। यही कारण है कि कई अस्पतालों में फ्लू के मौसम में विजिटर्स पर रोक लगा दी जाती है।

 
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ICU में अपनों की भीड़ क्यों है मरीज के लिए खतरनाक? - फोटो : AI
2. हाथों से फैलता है साइलेंट इन्फेक्शन

हमारे हाथों में दिखने वाले बैक्टीरिया नहीं होते, पर यही सबसे ज्यादा इन्फेक्शन फैलाते हैं। बिना हाथ धोए मरीज का हाथ पकड़ना, बेड की रेलिंग, IV लाइन या वेंटिलेटर की ट्यूब को छूना बेहद खतरनाक हो सकता है। इसे कॉन्टैक्ट ट्रांसमिशन कहते हैं। डॉक्टर खुद भी मरीज को छूने से पहले और बाद में 20 सेकंड तक हैंड सैनिटाइज करते हैं।

 

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ICU में अपनों की भीड़ क्यों है मरीज के लिए खतरनाक? - फोटो : AI
3. शोर और तनाव से बिगड़ती है रिकवरी

ICU में हर मशीन की बीप का मतलब होता है। लगातार बातचीत, फोन पर तेज आवाज में बात करना या रोने-चिल्लाने से मरीज के दिमाग पर सीधा असर पड़ता है। इससे उसका ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ जाता है, नींद टूट जाती है। क्रिटिकल मरीज के लिए नींद दवा से कम नहीं होती। इसे ICU Delirium कहा जाता है, जिसमें मरीज घबराने लगता है।

 
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ICU में अपनों की भीड़ क्यों है मरीज के लिए खतरनाक? - फोटो : AI
4. डॉक्टर-नर्स के काम में रुकावट

ICU में हर मिनट कीमती होता है। इमरजेंसी में डॉक्टर को तुरंत इंजेक्शन देना, CPR करना या मशीन सेट करनी पड़ सकती है। अगर बेड के चारों ओर परिवार वाले खड़े हैं तो टीम को जगह नहीं मिलती। कई बार भीड़ की वजह से जरूरी दवा देने में 2-3 मिनट की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती है।

 
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ICU में अपनों की भीड़ क्यों है मरीज के लिए खतरनाक? - फोटो : AI
5. वेंटिलेटर और लाइनों को खिंचने का डर

गंभीर मरीज के शरीर से 8 से 10 तरह की लाइनें जुड़ी होती हैं - वेंटिलेटर की ट्यूब, पेशाब की नली, नस में लगी ड्रिप, मॉनिटर के तार। भीड़ में अनजाने में किसी का हाथ या साड़ी इनमें उलझ जाए तो ट्यूब निकल सकती है, जिससे मरीज की सांस रुकने का खतरा बन जाता है।

 
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ICU में अपनों की भीड़ क्यों है मरीज के लिए खतरनाक? - फोटो : AI
 
परिवार को क्या करना चाहिए?

 मरीज को देखने के लिए कम लोगों का जाना, हाथों की अच्छी तरह सफाई करना, मास्क/PPE संबंधी अस्पताल के निर्देश मानना, शोर कम रखना और मेडिकल स्टाफ के निर्देशों का पालन करना बेहतर है। अगर किसी व्यक्ति को बुखार, खांसी, सर्दी या कोई संक्रामक बीमारी है, तो उसे ICU में जाने से बचना चाहिए।
 
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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