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विश्व पार्किंसंस दिवस: इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकती है ये गंभीर बीमारी

Sun, 11 Apr 2021 01:21 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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विश्व पार्किंसंस दिवस 2021 - फोटो : iStock
आज विश्व पार्किंसंस दिवस है। हर साल 11 अप्रैल को यह दिवस मनाया जाता है। दरअसल, यह एक बीमारी है, जिसके कारण चलने-फिरने की गति धीमी पड़ जाती है, मासपेशियां सख्त हो जाती हैं और शरीर में कंपन की समस्या पैदा हो जाती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह बीमारी अक्सर किसी एक हाथ में कंपन के साथ शुरू होती है। दुनियाभर में लाखों लोग इस बीमारी से ग्रसित हैं। हालांकि इसके इलाज के लिए कई दवाईयां भी उपलब्ध हैं, जिन्हें आप डॉक्टर की सलाह पर ले सकते हैं। आइए जानते हैं इस बीमारी के कारण और लक्षणों के बारे में... 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
यह बीमारी पुरुष और महिलाएं, दोनों को हो सकती है। हालांकि यह महिलाओं की तुलना में लगभग 50 फीसदी अधिक पुरुषों को प्रभावित करती है। यह बीमारी बुजुर्गों को अधिक प्रभावित करती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि इसकी शुरुआत धीरे-धीरे होती है यानी पता भी नहीं चलता कि इसके लक्षण कब दिखने शुरू हुए। कई हफ्तों या महीनों के बाद जब लक्षणों की तीव्रता बढ़ जाती है, तब अहसास होता है कि कुछ तो गड़बड़ है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पार्किंसंस रोग के कारण 
  • यह बीमारी तब होती है जब मस्तिष्क के एक क्षेत्र में तंत्रिका कोशिकाएं या न्यूरॉन्स नष्ट होने लगते हैं। आमतौर पर ये न्यूरॉन्स डोपामाइन नामक एक महत्वपूर्ण मस्तिष्क रसायन का उत्पादन करते हैं, लेकिन जब ये न्यूरॉन्स मर जाते हैं या क्षीण हो जाते हैं, तो वे कम डोपामाइन का उत्पादन करते हैं, जो पार्किंसंस रोग का कारण बनता है। 

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पार्किंसंस रोग के लक्षण - फोटो : iStock
पार्किंसंस रोग के लक्षण 

इस बीमारी के चार मुख्य लक्षण हैं: 
  • हाथ, बांह, पैर, जबड़े या सिर में कंपन 
  • अंगों की कठोरता 
  • अंगों की गतिविधियों का धीमा हो जाना 
  • शरीर का संतुलन बिगड़ जाना यानी चलने-फिरने में कठिनाई होना 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पार्किंसंस रोग के अन्य लक्षणों में अवसाद (डिप्रेशन) और अन्य भावनात्मक परिवर्तन शामिल हो सकते हैं, जैसे- निगलने, चबाने और बोलने में कठिनाई, मूत्र संबंधी समस्याएं, कब्ज, त्वचा संबंधी समस्याएं और सोने में कठिनाई होना। हालांकि यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि इस रोग से ग्रसित हर व्यक्ति में इसके लक्षण भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। इसलिए अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण नजर आते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 

स्रोत और संदर्भ: 
Parkinson's Disease 
https://www.nia.nih.gov/health/parkinsons-disease

अस्वीकरण नोट:  यह लेख अमेरिका के मैरीलैंड में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजिंग में प्रकाशित स्टडी के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।  
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