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हेल्थ अलर्ट: हड्डियों को अंदर से कमजोर कर रही हैं आपकी ये गड़बड़ आदतें, आज ही बदलें अपना रूटीन

Mon, 19 Oct 2026 10:34 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हड्डियों की कमजोरी धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती दौर में इसके लक्षण नजर नहीं आते। कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी, धूम्रपान, ज्यादा नमक, शराब और शारीरिक निष्क्रियता हड्डियों को प्रभावित कर सकती हैं। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय पर जांच से हड्डियों की सेहत ठीक बनाए रखने में मदद मिलती है।
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हड्डियों की समस्याएं, - फोटो : Amarujala.com/AI
लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने कई तरह की बीमारियों के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। इसका लोगों की हड्डियों पर भी असर देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हड्डियां हमारे शरीर का ढांचा हैं, इन्हीं पर पूरे शरीर का बैलेंस निर्भर रहता है। हालांकि जिस तरह से लोगों की हड्डियां कम उम्र में ही कमजोर होती जा रही हैं, ये चिंता बढ़ाने वाली है।

वैसे तो उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की कमजोरी बढ़ती जाती है,पर लाइफस्टाइल की गड़बड़ी ने कम उम्र के लोगों में भी इसके खतरे को बढ़ा दिया है। कई बार हड्डियों की समस्याओं के लक्षण लंबे समय तक स्पष्ट नहीं होते हैं। अक्सर लोग हड्डियों की सेहत पर तब ध्यान देते हैं, जब पीठ में दर्द या मामूली चोट से फ्रैक्चर जैसी परेशानी सामने आती है। 

ऑस्टियोपोरोसिस को हड्डियों की गंभीर समस्या के रूप में जाना जाता है, इसमें हड्डियों का घनत्व बहुत कम हो जाता है जिससे उनके आसानी से टूटने का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते है कि वो कौन सी आदतें हैं जो कम उम्र में ही हड्डियों को कमजोर करती जा रही हैं?
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कैल्शियम की कमी का असर - फोटो : freepik.com
कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी

कैल्शियम हड्डियों को मजबूत रखने के लिए जरूरी है। डाइट से इसकी पर्याप्त मात्रा न मिलने पर हड्डियों की सेहत प्रभावित हो सकती है। इसी तरह विटामिन डी शरीर को कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है। इसकी कमी से शरीर को पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिल पाता जिससे हड्डियां कमजोर होने लग जाती सकती हैं।
 
  • कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए दूध-दही, रागी और तिल खाएं। वहीं विटामिन-डी के लिए सुरक्षित तरीके से धूप लें। अंडे की जर्दी, फैटी फिश व फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों से विटामिन-डी की पूर्ति हो सकती है।
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नमक खाने से होने वाले खतरे - फोटो : Adobestock
ज्यादा नमक खाने हड्डियों की समस्याएं

ज्यादा मात्रा में सोडियम लेने से पेशाब के जरिए कैल्शियम का उत्सर्जन बढ़ सकता है। लंबे समय तक ज्यादा नमक खाना हड्डियों की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक शरीर से कैल्शियम निकलते रहने के कारण हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है, जिससे हड्डियां भुरभुरी और कमजोर हो जाती हैं।
 
  • इस तरह की दिक्कतों से बचे रहने के लिए चिप्स, नमकीन, इंस्टेंट नूडल्स और ज्यादा नमक वाले पैकेज्ड फूड का सेवन कम करें।
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स्मोकिंग से होने वाले खतरे - फोटो : Freepik.com
धूम्रपान से भी खतरा

धूम्रपान सिर्फ फेफड़ों के लिए ही नहीं बल्कि हड्डियों के लिए भी नुकसानदायक है। ये आदत हड्डियों के निर्माण की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इससे हड्डियों का घनत्व कम होने और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है। यह एस्ट्रोजन और अन्य हार्मोन्स के स्तर को प्रभावित करता है, जिससे महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद हड्डियों के डैमेज होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। धूम्रपान की आदत पूरी सेहत के लिए नुकसानदायक मानी जाती है।


हड्डियों के लिए ये आदतें भी नुकसानदायक
 
  • लंबे समय तक बैठे रहने और शारीरिक गतिविधि की कमी से मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं और हड्डियों की मजबूती प्रभावित हो सकती है।
  • शराब पीने और स्टेरॉयड दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल से भी हड्डियां कमजोर हो सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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