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World Obesity Day: जानलेवा हो सकती है मोटापे की समस्या, सावधान- बढ़ा हुआ वजन हार्ट अटैक का बन सकता है कारण

Mon, 04 Mar 2024 07:15 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वर्ल्ड ओबेसिटी डे 2024 - फोटो : iStock
मोटापा या वजन बढ़ने की समस्या काफी आम है, ये सेहत के लिए कई प्रकार के दुष्प्रभावों का कारण मानी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को वजन अधिक होता है उनमें समय के साथ हृदय रोग, डायबिटीज सहित कई प्रकार की अन्य क्रोनिक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि मोटापे का जोखिम दुनिया के अधिकतर देशों में देखा जा रहा है।

लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक हालिया शोध से पता चलता है कि साल 1990 से 2022 तक, करीब तीन दशकों में मोटापा के शिकार लोगों की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है। भविष्य में इसे गंभीर बीमारियों का कारक माना जा रहा है।

हर साल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चार मार्च को विश्व मोटापा दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य वैश्विक मोटापा संकट के बारे में लोगों की जागरूकता बढ़ाने और इससे बचाव को लेकर उन्हें शिक्षित करना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोटापा कई क्रोनिक बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है, जिनकी गंभीर स्थितियां जानलेवा भी हो सकती हैं। इसको लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
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मोटापे की समस्या - फोटो : iStock
मोटापा हो सकती है जानलेवा

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों का वजन अधिक है या मोटापा के शिकार है, उनमें स्वस्थ वजन वाले लोगों की तुलना में कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ये मृत्यु के भी कई कारणों को बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है। 

उच्च रक्तचाप से लेकर हाई कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स और टाइप-2 डायबिटीज जैसी समस्याओं के लिए भी मोटापा को एक कारक के तौर पर देखा जाता है। भारतीय बच्चों में भी मोटापा की दिक्कत बढ़ती जा रही है, जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है।
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अधिक वजन और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा - फोटो : istock
टाइप-2 डायबिटीज के हो सकते हैं शिकार

मोटापा ग्रस्त लोगों में समय के साथ जिन बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है, टाइप-2 डायबिटीज उनमें से एक है। टाइप-2 डायबिटीज, ब्लड में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने की स्थिति मानी जाती है। इस रोग के शिकार 10 में से 9 लोगों में अधिक वजन या मोटापा की दिक्कत देखी जाती रही है, इसके अलावा डायबिटीज रोगियों में मोटापा की समस्या के कारण अन्य जटिलताओं का जोखिम भी बढ़ जाता है। समय के साथ मोटापा की दिक्कत हृदय रोग, स्ट्रोक, गुर्दे की बीमारी, आंखों की समस्याओं, तंत्रिका से संबंधित समस्याओं को भी बढ़ाने वाली हो सकती है।

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हृदय रोगों का बढ़ता खतरा और बचाव - फोटो : istock
मोटापा से हृदय रोगों को खतरा

अध्ययनकर्ता बताते हैं, मोटापा के शिकार लोगों में समय के साथ हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर के कारण हृदय रोग और हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याओं का भी खतरा रहता है। वजन बढ़ने के अनुपात में रक्तचाप बढ़ने का जोखिम भी अधिक हो सकता है। अधिक वजन वाले लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों के बढ़ने का जोखिम भी समय के साथ बढ़ता जाता है। ये किडनी को भी क्षति पहुंचाने वाली समस्या भी मानी जाती है।
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मोटापा के नुकसान - फोटो : पिक्साबे
कुछ प्रकार के कैंसर का जोखिम

क्या आप जानते हैं कि मोटापाग्रस्त लोगों में कुछ प्रकार के कैंसर का भी खतरा रहता है? इसलिए जरूरी है कि सभी लोग अपने वजन को कंट्रोल में रखने के लिए प्रयास करते रहें। कैंसरग्रस्त कोशिकाएं कभी-कभी शरीर के अन्य भागों में फैल जाती हैं, जिससे गंभीरता बढ़ने का जोखिम रहता है। अध्ययनों से पता चलता है कि अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त पुरुषों में कोलन, मलाशय और प्रोस्टेट कैंसर विकसित होने का खतरा हो सकता है। वहीं मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में स्तन और गर्भाशय कैंसर का खतरा अधिक देखा गया है।




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स्रोत और संदर्भ
Health Risks of Overweight & Obesity


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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