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No Tobacco Day: सिगरेट-तंबाकू का लिवर-किडनी, ब्रेन पर क्या होता है असर? आपको भी है लत को जान लीजिए ये बातें

Sun, 31 May 2026 08:11 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Smoking Se Kya Nuksan Hota Hai: धूम्रपान करने वाले लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। वहीं मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचने से याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। अगर आप भी तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन करते हैं तो सावधान हो जाइए।
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स्मोकिंग के खतरे - फोटो : Amarujala.com/AI
दुनियाभर में बढ़ती क्रॉनिक बीमारियों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर भी लगातार बोझ बढ़ता जा रहा है। लाइफस्टाइल-खानपान की गड़बड़ी को इसका प्रमुख कारण माना जाता है। क्या आप जानते हैं कि कई जानलेवा बीमारियों को हम जाने-अनजाने खुद ही न्योता दे रहे होते हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, तंबाकू-सिगरेट की आदत ऐसी ही है, जो धीरे-धीरे हमें कई जानलेवा समस्याओं की ओर धकेलती जाती है।

तंबाकू और सिगरेट का नाम आते ही सबसे पहले हमारे दिमाग में फेफड़ों के कैंसर या सांस से जुड़ी बीमारियों की तस्वीर सामने आती है। लेकिन ये आदत सिर्फ फेफड़ों के लिए ही खतरनाक नहीं है, इसका आपके दिमाग, दिल, किडनी, लिवर और आंखें सभी पर भी असर होता है। सिगरेट का धुआं शरीर में पहुंचकर खून के जरिए हर अंग तक पहुंचता है।

इन्हीं खतरों को लेकर लोगों को सावधान करने और तंबाकू-सिगरेट छोड़ने के फायदों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 31 मई को वर्ल्ड नो टोबैको डे मनाया जाता है। आइए जान लेते हैं ये आपकी ये छोटी सी लगनी वाली आदत शरीर के तमाम अंगों के लिए कैसे मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है?
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तंबाकू-धूम्रपान से होने वाली दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
हर साल लाखों लोगों की हो जाती है मौत

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार तंबाकू-सिगरेट हर साल 80 लाख से ज्यादा लोगों की मौत का कारण बनता है। वहीं इससे  हर मिनट करीब 15 लोगों की मौत हो जाती है। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की भी होती है जो खुद धूम्रपान नहीं करते बल्कि दूसरों के धुएं के संपर्क में आते हैं। 

तंबाकू में मौजूद निकोटीन, कार्बन मोनोऑक्साइड, टार और हजारों जहरीले रसायन शरीर की कोशिकाओं, रक्त वाहिकाओं और अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं। शुरुआत में यह नुकसान दिखाई नहीं देता, लेकिन समय के साथ हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर, लिवर डैमेज, आंखों की समस्याओं के साथ कई प्रकार के कैंसर तक का कारण बन सकता है।
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स्मोकिंग का ब्रेन पर असर - फोटो : Freepil.com
ब्रेन डैमेज और स्ट्रोक का खतरा

धूम्रपान को सिर्फ फेफड़ों को डैमेज करने वाली चीज मत समझिए। इसका मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। 
 
  • सिगरेट में मौजूद निकोटीन कुछ मिनटों के भीतर ही मस्तिष्क तक पहुंच जाता है जिससे डोपामिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर का स्तर  प्रभावित होता है। 
  • अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार धूम्रपान करने वालों में स्ट्रोक का खतरा अन्य लोगों की तुलना में काफी अधिक होता है। 
  • सिगरेट के धुएं में मौजूद रसायन रक्त वाहिकाओं को संकरा और कठोर बनाते हैं, जिससे मस्तिष्क तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। ये ब्रेन स्ट्रोक का कारण बनती है।

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हृदय की सेहत पर असर - फोटो : Adobe Stock
दिल के लिए भी खतरनाक

तंबाकू-सिगरेट की लत ब्रेन के साथ आपके हार्ट के लिए भी खतरनाक है। निकोटीन हृदय गति और रक्तचाप दोनों को बढ़ाता है। वहीं कार्बन मोनोऑक्साइड खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम कर देती है, जिससे हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
 
  • अध्ययनों के अनुसार तंबाकू सेवन हृदय रोगों और हार्ट अटैक का प्रमुख जोखिम कारक है। 
  • धूम्रपान रक्त वाहिकाओं की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाता है, जिससे उनमें फैट जमा होकर ब्लॉकेज बनने लगती है।
  • धूम्रपान कोरोनरी हार्ट डिजीज का प्रमुख कारण है। इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
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लिवर और किडनी पर असर - फोटो : Adobe Stock
किडनी-लिवर पर तंबाकू का असर

किडनी और लिवर जैसे अंगों के लिए भी धूम्रपान-तंबाकू की आदत को खतरनाक माना जाता है।
 
  • तंबाकू, विशेषतौर पर धूम्रपान से किडनी की छोटी-छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है, जिसका किडनी की फिल्टरिंग क्षमता पर भी असर पड़ता है।
  • धूम्रपान करने वाले लोगों में क्रॉनिक किडनी डिजीज का खतरा अधिक हो सकता है। 
  • जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज है, उनमें धूम्रपान किडनी क्षति को और तेज कर सकता है।

इसी तरह सिगरेट के जहरीले रसायनों का लिवर की सेहत पर भी असर होता है। धूम्रपान ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को बढ़ा सकता है, जिससे लिवर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। शराब और धूम्रपान का संयुक्त प्रभाव लिवर रोगों के खतरे को और बढ़ा सकता है।
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धूम्रपान का आंखों पर असर - फोटो : Freepik.com
आंखें भी हो सकती हैं डैमेज

क्या आप जानते हैं कि तंबाकू और धूम्रपान आंखों की सेहत के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है?
 
  •  सिगरेट के धुएं में मौजूद रसायन आंखों की रक्त वाहिकाओं और रेटिना को नुकसान पहुंचाता है।
  • अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी के अनुसार धूम्रपान एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है। 
  • धूम्रपान करने वालों में मोतियाबिंद, आंखों में सूखापन और जलन का खतरा भी अधिक हो सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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