संगीत का इतिहास
जब से इंसान ने बोलना सीखा तब से ही संगीत उसकी दुनिया में रच बस गया है। हर भाषा और संस्कृति में संगीत का अपना इतिहास है। पश्चिमी दुनिया की एक ही स्केल से हम वाकिफ है और वो है डायक्टोनिक स्केल लेकिन ये पहली स्केल नहीं है जो संगीत में प्रयोग होती है। क्रोमेटिक स्केल जिसमें 7 की जगह 12 नोट होते हैं और औक्टेटोनिक स्केल जिसमें 8 नोट का इस्तेमाल किया जाता है। ये सब तो शुरुआत है, दुनिया में बहुत सी स्केल पर संगीत की धुन बनाई जाती है। हर सभ्यता में संगीत का अपना तरीका होता है। पूरी दुनिया में बहुत सारे वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया जाता है जिनकी धुन और बजाने का तरीका एकदम जुदा होता है। इन धुनों पर बना संगीत भी एक अलग ही अंदाज में होता है। 21 जून को मनाया जाने वाला संगीत दिवस इन सारे तरह के धुनों का जश्न मनाता है।