मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं पर गंभीरता से दें ध्यान
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क्या कहते हैं मनोरोग विशेषज्ञ?
भोपाल में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सत्यकांत त्रिवेदी कहते हैं, यह बड़ी मिथ है कि शराब पीने से टेंशन कम होती है, जबकि असलियत यह है कि शराब आपके लिए टेंशन को और भी बढ़ाने वाली हो सकती है। चिंता-अवसाद जैसे विकारों में शराब पीने से कुछ समय के लिए तो आप नशे में चीजें भूल जाते हैं पर इसकी आदत बनना, स्थिति के सही निदान होने में देरी कर देती है जिससे चिंता विकार गंभीर रूप लेकर अवसाद तक पहुंच सकता है।
इसके अलावा शराब के कारण मस्तिष्क को होने वाले दुष्प्रभावों की स्थिति में कई प्रकार की और मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं का जोखिम हो सकता है। इसलिए ध्यान रखें, चिंता-परेशानी होने पर कभी भी शराब की सहारा न लें।