फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World Menstrual Hygiene Day: पीरियड्स में अचार छूना सही या गलत? जानें ऐसे ही 6 मिथकों की सच्चाई

Wed, 27 May 2026 11:33 AM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

World Menstrual Hygiene Day 2026: महिलाओं के मन में मेंस्ट्रुअल हाइजीन को लेकर कई बातें चलती रहती हैं। ये बातें कितनी सही हैं, आज हम इसी बारे में आपसे बात करेंगे। 
विज्ञापन
1 of 7
हर महिला को पता होनी चाहिए मेंस्ट्रुअल हाइजीन से जुड़ी इन मिथकों की असल सच्चाई - फोटो : AI
World Menstrual Hygiene Day 2026: मासिक धर्म यानी पीरियड्स महिलाओं के जीवन का एक प्राकृतिक हिस्सा है, लेकिन आज भी इसके बारे में खुलकर बात करने से लोग झिझकते हैं। समाज में पीरियड्स को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और गलत धारणाएं मौजूद हैं, जिसकी वजह से महिलाओं और किशोरियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

 इन्हीं मिथकों को खत्म करने और महिलाओं को मेंस्ट्रुअल हाइजीन के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 28 मई को ‘विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस’ मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य सुरक्षित और स्वच्छ माहवारी प्रबंधन को बढ़ावा देना है ताकि महिलाएं बिना शर्म और डर के अपनी सेहत का ध्यान रख सकें। 

कई महिलाओं के मन में मासिक धर्म को लेकर सवाल रहते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि कौन-सी बातें सच हैं और कौन-सी सिर्फ मिथक।

 
विज्ञापन

2 of 7
हर महिला को पता होनी चाहिए मेंस्ट्रुअल हाइजीन से जुड़ी इन मिथकों की असल सच्चाई - फोटो : Freepik.com
ब्लीडिंग हमेशा लाल रंग की होनी चाहिए 
 
  •  पीरियड्स ब्लड का रंग हल्का लाल, गुलाबी, भूरा या गहरा भूरा भी हो सकता है। 
  • यह शरीर में हार्मोन बदलाव, ब्लड फ्लो और पीरियड्स के दिन पर निर्भर करता है। 
  • अगर ब्लीडिंग का रंग लंबे समय तक असामान्य रहे या उसमें तेज बदबू आए तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

 
विज्ञापन

3 of 7
हर महिला को पता होनी चाहिए मेंस्ट्रुअल हाइजीन से जुड़ी इन मिथकों की असल सच्चाई - फोटो : Adobe stock
पीरियड्स में बाल नहीं धोना चाहिए  
 
  • यह सबसे आम मिथकों में से एक है।
  • डॉक्टरों के अनुसार पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई रखना बहुत जरूरी है। 
  • बाल धोने और नहाने से शरीर साफ रहता है और संक्रमण का खतरा कम होता है। 
  •  गर्म पानी से नहाने पर पेट दर्द और ऐंठन में भी राहत मिल सकती है।

 

4 of 7
हर महिला को पता होनी चाहिए मेंस्ट्रुअल हाइजीन से जुड़ी इन मिथकों की असल सच्चाई - फोटो : Freepik.com
PMS बस मन का वहम है 
 
  • PMS यानी प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम एक वास्तविक शारीरिक और मानसिक स्थिति है। 
  • पीरियड्स आने से पहले महिलाओं को मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन, थकान, सिरदर्द और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 
  • यह हार्मोनल बदलावों की वजह से होता है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

 
विज्ञापन

5 of 7
हर महिला को पता होनी चाहिए मेंस्ट्रुअल हाइजीन से जुड़ी इन मिथकों की असल सच्चाई - फोटो : Freepik.com
 अचार या खट्टी चीजों को नहीं छूना चाहिए
 
  • पीरियड्स के दौरान अचार या खट्टी चीजें छूने से खराब हो जाती हैं, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
  •  यह सिर्फ पुरानी मान्यताओं पर आधारित मिथक है। 
  • महिलाएं पीरियड्स में सामान्य तरीके से सभी काम कर सकती हैं।

 
विज्ञापन

6 of 7
हर महिला को पता होनी चाहिए मेंस्ट्रुअल हाइजीन से जुड़ी इन मिथकों की असल सच्चाई - फोटो : Freepik.com
 सैनिटरी पैड पूरे दिन इस्तेमाल कर सकते हैं
 
  • यह आदत सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। 
  • लंबे समय तक एक ही पैड इस्तेमाल करने से बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं, जिससे संक्रमण और स्किन रैशेज का खतरा रहता है। 
  • डॉक्टर हर 4 से 6 घंटे में पैड बदलने की सलाह देते हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
हर महिला को पता होनी चाहिए मेंस्ट्रुअल हाइजीन से जुड़ी इन मिथकों की असल सच्चाई - फोटो : AI
पीरियड्स में एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए
  • हल्की एक्सरसाइज, योग और वॉक करना पीरियड्स में फायदेमंद माना जाता है।
  • इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दर्द, तनाव व मूड स्विंग्स में राहत मिलती है। 
  • हालांकि ज्यादा भारी वर्कआउट करने से बचना चाहिए।

-------------------------------


नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें