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World Liver Day 2026: लिवर से जुड़े इन झूठे दावों ने कर दिया है कंफ्यूज? जानिए असली फैक्ट

Sun, 19 Apr 2026 08:47 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

World Liver day 2026: लिवर हमारे शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है। लिवर की सेहत को लेकर कई गलतफहमियां फैली हुई हैं, जिनसे लोगों में उलझन और बेवजह की चिंता पैदा हो सकती है। आइए, लिवर से संबंधित आम गलतफहमियों के बारे में जान लेते हैं।
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लिवर की बीमारियों का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आपको भी अक्सर पेट में दर्द बना रहता है, पाचन ठीक नहीं रहता है, चेहरे-आंखों का रंग पीला पड़ता जा रहा है? सावधान ये लिवर की बीमारियों का संकेत हो सकता है जिसपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना जरूरी है। लिवर की समस्याओं को अनदेखा करना आपकी पूरी सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है।

लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी ने लिवर को बहुत नुकसान पहुंचाया है, लिहाजा फैटी लिवर, हेपेटाइटिस, सिरोसिस और लिवर फेलियर जैसी लिवर से संबंधित गंभीर समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, प्रोसेस्ड-जंक फूड्स के अधिक सेवन, शराब, मोटापा और बैठे रहने वाली लाइफस्टाइल के चलते कम उम्र वाले भी लिवर रोगों की चपेट में आते जा रहे हैं। 

लिवर की बीमारियों के बारे में दुनियाभर में जागरूकता बढ़ाने, इसकी शुरुआती पहचान और इलाज को लेकर लोगों को शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 19 अप्रैल को वर्ल्ड लिवर डे मनाया जाता है। 
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आपको भी लिवर की बीमारी तो नहीं है? - फोटो : Adobe Stock
गलत जानकारियां लिवर की सेहत के लिए खतरनाक

डॉक्टर कहते हैं, लिवर की सेहत के लिए असली खतरा सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि उससे जुड़ी गलत जानकारियां हैं। लिवर को लेकर कई मिथ्स और गलत जानकारियां लोगों के दिमाग में घर कर गई हैं और हम उन्हीं को सच मानते आ रहे हैं। ये आपको सही इलाज से दूर कर सकती हैं। 

ऐसे में जरूरी है कि आप लिवर हेल्थ को लेकर जागरूक रहें, सही और गलत जानकारी में फर्क समझें। इन्हीं चिंताओं को देखते हुए इस साल के लिवर डे का थीम भी रखा गया है- सॉलिड हैबिट, स्ट्रॉन्ग लिवर। आइए लिवर से जुड़ी ऐसे ही कुछ मिथ्स के बारे में जान लेते हैं।
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लिवर डिटॉक्स कैसे किया जाए? - फोटो : Adobe Stock
लिवर डिटॉक्स के लिए अलग से डाइट-ड्रिंक्स जरूरी

यह सच है कि लिवर शरीर से जहरीले पदार्थों को निकालने में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन इसे ठीक से काम करने के लिए किसी खास डाइट या क्लींज की जरूरत नहीं होती।
 
  • लिवर खून को छानने और पित्त बनाने जैसी प्रक्रियाओं के जरिए शरीर से जहरीले पदार्थों को अपने आप ही निकाल देता है। 
  • डिटॉक्स डाइट या ड्रिंक्स के बजाय, एक संतुलित डाइट पर ध्यान दें।
  • फल-सब्जियां, लो फैट-प्रोटीन और साबुत अनाज  लिवर को हेल्दी रखने के लिए काफी हैं। 

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शराब-धूम्रपान से होने वाले नुकसान - फोटो : Freepik.com
लिवर खराब होने की एकमात्र वजह शराब है

ज्यादा शराब पीने से लिवर खराब होता है, ये सोलह आने सच है। इससे स्टीटोटिक लिवर डिजीज, हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसी बीमारियां होती हैं, लेकिन ये ही एकमात्र वजह नहीं है। 
 
  • आपको जन्मजात लिवर की बीमारी हो सकती है या फिर आप जो खाते-पीते हैं उससे यह बीमारी हो सकती है।
  • आपको ऑटोइम्यून लिवर की बीमारी भी हो सकती है।
  • हेपेटाइटिस जैसे संक्रमण की लिवर के लिए बड़ी मुश्किलों का कारण बन सकते हैं।
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पाचन स्वास्थ्य की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
लिवर खराब होने पर तुरंत लक्षण दिखाई देते हैं

लिवर की समस्या में आपको तुरंत कोई खास दिक्कत हो ये जरूरी नहीं है। अक्सर लिवर काफी डैमेज होनेहोने पर भी सामान्य रूप से काम करता रहता है। हालांकि कुछ संकेतों पर ध्यान देते रहना जरूरी है।
 
  •  थकान, त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया), पेट में दर्द और सूजन जैसे लक्षण तभी दिखाई दे सकते हैं जब लिवर को काफी नुकसान पहुच चुका हो। 
  • लिवर की समस्याओं का जल्दी पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए नियमित जांच जरूरी है।
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लिवर के लिए सप्लीमेंट्स - फोटो : Freepik.com
सप्लीमेंट्स लिवर की बीमारी से बचा सकते हैं

 डॉक्टर कहते हैं, ऐसी कोई जादुई गोली या सप्लीमेंट नहीं है जो लिवर की बीमारी को अपने आप ठीक कर सके या नुकसान से बचा सके। 
 
  • असल में, कई सप्लीमेंट्स भी लिवर की सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं। 
  • कोई भी नई दवा या डाइट खुद से शुरू करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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