फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World Liver Day: आपके लिवर को बिल्कुल पसंद नहीं आ रही ये पांच आदतें, नहीं किया सुधार तो घेर लेंगी बीमारियां

Sun, 19 Apr 2026 08:48 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

World Liver Day 2026: खाना पचाने में मदद करना हो या शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालना लिवर लगातार हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी काम करता रहता है। हालांकि हमारी खुद की ही कई गड़बड़ आदतें इस जरूरी अंग को नुकसान पहुंचाती जा रही हैं। 
विज्ञापन
1 of 5
लिवर रोगों का बढ़ता खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
आज वर्ल्ड लिवर डे है। लिवर की बढ़ती बीमारियों के बारे में दुनियाभर में जागरूकता बढ़ाने, इसकी शुरुआती पहचान और इलाज को लेकर लोगों को शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 19 अप्रैल को वर्ल्ड लिवर डे मनाया जाता है।

लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी ने हमारी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। लिवर को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। पिछले एक दशक में लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ी हैं। फैटी लिवर हो, हेपेटाइटिस और लिवर सिरोसिस जैसी समस्याएं अब ये कम उम्र वालों को भी चपेट में ले रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इसका एक बड़ा कारण हम खुद ही हैं। रोजाना हम जाने-अनजाने कई ऐसे काम कर रहे हैं जिसका लिवर की सेहत पर खतरनाक असर देखा जा रहा है। 

लिवर की बीमारी शुरुआत में कोई साफ संकेत नहीं देती। जब तक लक्षण दिखते हैं, तब तक नुकसान काफी बढ़ चुका होता है। यही वजह है कि अस्पतालों में लिवर से संबंधित समस्याओं के मामलों में भी काफी इजाफा देखा जा रहा है।
विज्ञापन

2 of 5
लिवर की बीमारियों का बढ़ता खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
लिवर की बीमारियों का जोखिम

खाना पचाने में मदद करना हो या शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालना, लिवर लगातार हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी काम करता रहता है। हालांकि हमारी खुद की ही कई गड़बड़ आदतें इस जरूरी अंग को नुकसान पहुंचाती जा रही हैं। अच्छी बात ये है कि लिवर में खुद को ठीक करने की अद्भुत क्षमता होती है, पर लंबे समय तक दिनचर्या और खानपान में गड़बड़ी आपके लिए बड़ी मुसीबतों का कारण बन सकती है।

आइए ऐसी ही कुछ खतरनाक आदतों के बारे में जानते हैं जो धीरे-धीरे लिवर को कमजोर कर रही हैं।
विज्ञापन

3 of 5
शराब के नुकसान - फोटो : Freepik.com
 शराब लिवर का दुश्मन

लिवर के लिए जिस आदत को सबसे खतरनाक माना जाता है वह है शराब पीना। 
 
  • जब आप बार-बार या ज्यादा मात्रा में शराब पीते हैं, तो लिवर पर लगातार दबाव पड़ता है।
  • शराब के ब्रेकडाइन के दौरान एसीटैल्डिहाइड नामक विषैला और कैंसरकारी पदार्थ रिलीज होता है जो लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है।
  • इससे लिवर सिरोसिस से लेकर कैंसर तक का खतरा हो सकता है।


जंक फूड लिवर के लिए नुकसानदायक

 प्रोसेस्ड और जंक फूड्स भी लिवर की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। 
  • तला-भुना खाना, पैकेज्ड स्नैक्स और फास्ट फूड में ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है। 
  • ये फैट शरीर में जमा होकर लिवर तक पहुंचते हैं, इससे फैटी लिवर की समस्या पैदा होती है।

4 of 5
लिवर की बीमारी और इसका जोखिम - फोटो : Adobe Stock
बहुत ज्यादा पेनकिलर भी खतरनाक
 
  • बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार दवाइयां खाना भी लिवर के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है। 
  • पेनकिलर एंटीबायोटिक्स और हर्बल सप्लीमेंट्स भी लिवर पर बुरा असर डाल सकते हैं। 
  • कई दवाइयों में मौजूद केमिकल्स लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और लिवर में सूजन पैदा कर सकते हैं। 


मोटापा भी लिवर के लिए ठीक नहीं
  • अध्ययनों में पाया गया है कि मोटापा सीधे तौर पर लिवर की बीमारियों से जुड़ा हुआ है। 
  • दिनभर बैठे रहने, शरीरिक मेहनत कम करने से फैट जमा होता रहता है। जिससे लिवर को नुकसान हो सकता है।
  • मोटापा के शिकार लोगों में फैटी लिवर डिजीज होने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
स्ट्रेस का लिवर की सेहत पर असर - फोटो : Freepik.com
तनाव में रहने के भी नुकसान
 
  • अध्ययनों में पाया गया है कि लंबे समय तक स्ट्रेस में रहने से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है, जो लिवर की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है।
  • स्ट्रेस के कारण लोग अनहेल्दी खान-पान और शराब जैसी आदतों का भी शिकार होते हैं जिससे लिवर को नुकसान पहुंचता है। 




--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस, न्यूज एजेंसी पीटीआई इनपुट के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें