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World Liver Day 2024: डायबिटीज रोगियों में लिवर कैंसर का खतरा अधिक, इन लक्षणों से कर सकते हैं पहचान

Fri, 19 Apr 2024 07:46 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लिवर में होने वाली दिक्कतें - फोटो : istock
कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है, इस रोग को बहुत खतरनाक माना जाता है। हर साल दुनियाभर में लाखों लोग कैंसर का शिकार होते हैं और इसकी मृत्युदर भी काफी अधिक रही है। लिवर कैंसर भी वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा रहा है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया लाइफस्टाइल की कुछ गड़बड़ आदतें लिवर की समस्याओं, यहां तक कि लिवर कैंसर का भी कारण बन सकती हैं।

लिवर कैंसर दुनियाभर कैंसर से होने वाली मौतों का तीसरा प्रमुख कारण है। साल 2020 में अनुमानित 8.30 लाख लोगों की इस बीमारी से मृत्यु हो गई।

लिवर से संबंधित वैश्विक समस्याओं को लेकर लोगों को जागरूक करने और इससे बचाव को लेकर शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लिवर में होने वाला कैंसर पिछले एक दशक में काफी तेजी से बढ़ा है, इससे बचाव को लेकर सभी लोगों को निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
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लिवर की समस्याओं के बारे में जानिए - फोटो : istock
लिवर में होने वाला कैंसर

लिवर कैंसर, लिवर की कोशिकाओं में शुरू होता है। लिवर कैंसर का सबसे आम प्रकार हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा है, जो मुख्य प्रकार की लिवर कोशिका (हेपेटोसाइट) में होता है।

अध्ययनकर्ताओं ने बताया, लिवर कोशिकाओं के डीएनए में परिवर्तन के कारण इसमें कैंसर हो सकता है। क्रोनिक हेपेटाइटिस संक्रमण या लिवर में लंबे समय से बनी हुई कुछ प्रकार की बीमारियों के कारण भी कैंसर विकसित होने का खतरा रहता है। लेकिन कभी-कभी लिवर कैंसर उन लोगों में भी हो सकता है जिन्हें कोई अंतर्निहित बीमारी नहीं होती।
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पेट में बनी रहने वाली दिक्कतें - फोटो : istock
क्या है लिवर कैंसर की पहचान?

अधिकांश लोगों में प्राथमिक स्थिति में लिवर कैंसर के कोई संकेत या लक्षण नहीं होते हैं। आपको पाचन से संबंधित कुछ समस्याएं जरूर होती रह सकती है हालांकि जैसे-जैसे कैंसर कोशिकाएं बढ़ती जाती हैं इसके लक्षण अधिक स्पष्ट होने लगते हैं। बिना प्रयास के वजन कम होना, भूख न लगना,  पेट में दर्द, मतली और उल्टी, कमजोरी और थकान बने रहना, पीलिया की समस्या बार-बार होते रहना भी लिवर कैंसर का शुरुआती संकेत माना जाता है।

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शराब से लिवर को नुकसान - फोटो : istock
किन लोगों में इसका खतरा अधिक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं जिन लोगों को हेपेटाइटिस-बी या हेपेटाइटिस सी वायरस का दीर्घकालिक संक्रमण रहा है उनमें लिवर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। सिरोसिस जैसी बीमारियां भी इसके जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती हैं। इसके अलावा बार-बार फैटी लिवर की समस्या होते रहना, शराब का सेवन भी आपको लिवर कैंसर का शिकार बना सकता है। 

अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि जिन लोगों को डायबिटीज है उन्हें और भी सावधानी बरतने की आवश्यकता है, ऐसे लोगों में लिवर के कैंसर का खतरा समय के साथ बढ़ सकता है।
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डायबिटीज और लिवर की समस्या - फोटो : istock
डायबिटीज रोगियों में कैंसर

अध्ययन से पता चलता है कि टाइप 1 और टाइप-2 दोनों प्रकार के डायबिटीज रोगियों में लिवर कैंसर विकसित होने का जोखिम अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों में, बिना मधुमेह वाले लोगों की तुलना में कैंसर का खतरा दो से तीन गुना अधिक देखा गया है। यदि मधुमेह ठीक से नियंत्रित नहीं रहता है तो जोखिम और भी बढ़ जाता है।

हाई ब्लड शुगर की स्थिति में शरीर में कोशिकाओं को ईंधन देने के लिए आवश्यकता से अधिक ग्लूकोज हो जाता है। अतिरिक्त ग्लूकोज के ऑक्सीकरण के दौरान हानिकारक रसायन और फ्री रेडिकल्स रिलीज होते हैं जिससे लिवर कोशिकाओं में कैंसर विकसित होने का जोखिम अधिक बढ़ सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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