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World Liver Day 2023 Theme: इस बार लिवर की जांच और फैटी लिवर से बचाव पर जोर, ऐसे रखें अपने लिवर को स्वस्थ

Wed, 19 Apr 2023 07:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लिवर की बीमारियां - फोटो : Pixels
आज वर्ल्ड लिवर डे है, वैश्विक स्तर पर बढ़ती लिवर की बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 19 अप्रैल को यह मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र के लोग लिवर की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं, यह न सिर्फ शारीरिक समस्याओं को बढ़ाती है साथ ही जीवन की गुणवत्ता पर भी इसका असर हो सकता है। फैटी लिवर की समस्या ऐसी ही एक बीमारी है जिसके रोगियों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि लिवर में फैट के जमाव के कारण होने वाली यह बीमारी लगभग 25 फीसदी युवाओं को हो सकती है।

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए साल 2023 के वर्ल्ड लिवर डे का थीम रखा गया है- "Be Vigilant, Do Regular Liver Check-Up, Fatty Liver Can Affect Anyone." इसका मतलब है-  "सतर्क रहिए और नियमित रूप से लिवर चेक-अप कराइए, फैटी लिवर डिजीज किसी को भी प्रभावित कर सकता है।"

आइए जानते हैं कि फैटी लिवर की समस्या की जांच और इस बीमारी से बचाव कैसे किया जा सकता है?
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फैटी लिवर का खतरा - फोटो : iStock
बढ़ रहे हैं लिवर रोग के मामले

इस वर्ष 2023 के विश्व लिवर दिवस का थीम नियमित लिवर चेक-अप पर जोर देने पर केंद्रित है। मोटापा (अधिक वजन), इंसुलिन प्रतिरोध (मधुमेह) और शराब के सेवन के कारण लिवर की समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि भारत में हाल के अध्ययनों से पता चला है कि नॉन अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज के 75% मामले लो बॉडी मास इंडेक्स वाले रोगियों में देखे गए हैं।

विश्व स्तर पर लगभग 20 लाख रोगियों की प्रति वर्ष लिवर की बीमारियों के कारण मौत हो जाती है। आइए जानते हैं कि फैटी लिवर की पहचान कैसे करें और इसकी जांच कैसे की जाती है?
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लिवर की बीमारियों के बारे में जानिए - फोटो : pixabay
फैटी लिवर की समस्या और लक्षण

फैटी लिवर की बीमारी, लिवर में अतिरिक्त वसा के जमा होने के कारण होती है। यह दो तरह का हो सकता है- फैटी लिवर डीजीज और  नॉन अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी)। शराब का सेवन न करने वालों को भी फैटी लिवर की दिक्कत हो सकती है। 

फैटी लिवर की समस्या वाले ज्यादातर लोगों में अक्सर तब तक कोई लक्षण नहीं दिखते जब तक कि रोग, लिवर में काफी बढ़ नहीं जाता है। इस स्थिति में कई प्रकार की दिक्कतें हो सकती हैं।
  • पेट में दर्द या पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में भारीपन महसूस होना।
  • मतली, भूख न लगना या वजन कम होना।
  • पीली त्वचा (पीलिया)।
  • पेट में सूजन और पैर में सूजन (एडिमा)।
  • अत्यधिक थकान या कमजोरी होना। 

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लिवर की जांच कराएं - फोटो : istock
लिवर की जांच

डॉक्टर की सलाह पर फुल बॉडी चेकअप में लिवर की जांच कराते रहना आपको भविष्य में इससे संबंधित बीमारियों से बचाने में सहायक हो सकता है। ये टेस्ट लिवर की समस्याओं का पता लगाने में मदद करते हैं।
  • सीरम बिलीरुबिन टेस्ट: यह परीक्षण रक्त में बिलीरुबिन के स्तर को मापता है।
  • सीरम एल्बुमिन टेस्ट: इस टेस्ट का उपयोग एल्ब्यूमिन (रक्त में एक प्रकार के प्रोटीन) के स्तर को मापने के लिए किया जाता है और लिवर रोगों  के निदान में सहायक है।
  • लिवर फंक्शन टेस्ट: इसके माध्यम से जाना जा सकता है कि लिवर ठीक से काम कर रहा है या नहीं।
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लिवर को कैसे स्वस्थ रखें? - फोटो : istock
लिवर को स्वस्थ रखने के उपाय

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ सामान्य सी बातों का ध्यान रखकर लिवर की बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
  • शराब के सेवन से बचें। इसका कम मात्रा में सेवन भी लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर का कारण बन सकता है। 
  • फल-सब्जियां खान से पहले अच्छे से धोएं जिससे उसके विषाक्त पदार्थों को हटाया जा सके।
  • हेपेटाइटिस ए, बी और सी से बचाव करें।
  • नियमित व्यायाम करें और स्वस्थ आहार का सेवन करें।
  • वजन कम रखें, यदि आप डायबिटिक हैं तो इसे कंट्रोल करें।



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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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