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World Kidney Day 2026: किडनी की खतरनाक बीमारियों से बचने के लिए कौन सा डाइट प्लान है बेस्ट? चल गया पता

Thu, 12 Mar 2026 11:23 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

असंतुलित डाइट, ज्यादा नमक, प्रोसेस्ड फूड और रेड मीट का अधिक सेवन किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालता है। EAT-Lancet डाइट को किडनी के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। आइए इस डाइट प्लान के बारे में जान लेते हैं।
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किडनी को हेल्दी रखने के लिए क्या उपाय करें? - फोटो : Freepik.com
क्या आप अपनी किडनी का ठीक तरीके से ख्याल रखते हैं? कहीं आपकी किडनी भी तो खतरे में नहीं है? ये सवाल इसलिए महत्वपूर्ण हो जाते हैं क्योंकि दुनियाभर में किडनी से संबंधित बीमारियों के मामले काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी में किडनी से संबंधित समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं।

दुनियाभर में बढ़ती किडनी की बीमारियों को लेकर लोगों को शिक्षित और जागरूक करने और किडनी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर अलर्ट करने के उद्देश्य से हर साल मार्च महीने के दूसरे गुरुवार (इस बार 12 मार्च) को विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है। 

अमर उजाला में प्रकाशित एक हालिया रिपोर्ट में हमने बताया  कि किस तरह से शुगर और ब्लड प्रेशर का बढ़ा रहना किडनी की समस्याओं का कारण हो सकता है। ऐसे में सवाल ये है कि किडनी को हेल्दी रखने के लिए कौन सा डाइट प्लान सबसे अच्छा है?
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किडनी को कैसे स्वस्थ रखें? - फोटो : Freepik.com
किडनी के लिए EAT-Lancet डाइट 

अध्ययनों से पता चलता है कि असंतुलित डाइट, ज्यादा नमक, प्रोसेस्ड फूड और रेड मीट का अधिक सेवन किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालता है। जो लोग इस तरह की चीजें ज्यादा खाते हैं उनमें किडनी की बीमारियों का खतरा अधिक होता है।

किडनी को हेल्दी रखने के लिए शोधकर्ताओं ने EAT-Lancet डाइट को सबसे अच्छा बताया है। यह डाइट मुख्य रूप से प्लांट-बेस्ड फूड्स, साबुत अनाज, दालें, फल-सब्जियां और सीमित मात्रा में पशु-आधारित खाद्य पदार्थों पर आधारित होती हैं। इससे किडनी को हेल्दी रखा जा सकता है।
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प्लांट बेस्ड डाइट के फायदे - फोटो : Freepik.com
क्या है इस डाइट प्लान का कॉन्सेप्ट

शोध से पता चलता है कि EAT-Lancet डाइट का पालन करने से क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) होने का जोखिम कम हो जाता है। जिन लोगों को पहले से ही सीकेडी है उनमें भी इससे विशेष लाभ देखे गए हैं। 
 
  • EAT-Lancet डाइट, मुख्यरूप से पौधों पर आधारित, फ्लेक्सिटेरियन डाइट है।
  • इसमें हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, फलियां, मेवे और अनसैचुरेटेड तेल का सेवन ज्यादा करने की सलाह दी जाती है।
  • मछली, मुर्गी, अंडे और डेयरी उत्पादों का सेवन कम करना होता है।
  • डाइट में रेड मीट, चीनी, रिफाइंड अनाज और सैचुरेटेड फैट वाली चीजों को न खाने की सलाह दी जाती है।
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किडनी को स्वस्थ रखने के तरीके - फोटो : Adobe Stock
किडनी के लिए बहुत फायदेमंद है ये डाइट

खान-पान के इस तरीके को किडनी को हेल्दी रखने और सीकेडी के जोखिम को कम करने में मदद करने वाला पाया गया है।
 
  • इसमें पौधों से भरपूर मात्रा में प्रोटीन लेने पर जोर दिया जाता है, ये जानवरों से मिलने वाले प्रोटीन की तुलना में ज्यादा फायदेमंद होता है।
  • एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी पोषक तत्वों की ज्यादा मात्रा किडनी के ऊतकों को नुकसान से बचाने और सूजन को कम करने में मदद करती है।
  • यह डाइट सीकेडी के जोखिम कारकों, जैसे कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मोटापे को नियंत्रित करने में मदद करती है।
  • इस डाइट के माध्यम से भरपूर फाइबर लेने से पेट के माइक्रोबायोम में सुधार होता है, जिससे उन यूरैमिक टॉक्सिन का उत्पादन कम हो जाता है जो किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर दुनियाभर में डाइट के इस पैटर्न को अपनाया जाए तो समय से पहले होने वाली लाखों मौतों को रोका जा सकता है। इस डाइट में संतुलित मात्रा में प्रोटीन, हेल्दी फैट और कार्बोहाइड्रेट शामिल होते हैं। 

यह डाइट ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को भी नियंत्रित रखने में मदद करती है। चूंकि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर सीकेडी के मुख्य कारण हैं, इसलिए इन कारकों को नियंत्रित करना किडनी को होने वाले जोखिमों से बचान में मदद करती है।




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स्रोत:
The EAT–Lancet planetary health diet and risk of incident chronic kidney disease


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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