आईसीएसआई के बारे में जान लीजिए
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आईसीएसआई क्या है?
डॉक्टर कहते हैं, आईसीएसआई को आईवीएफ की ही एक उन्नत तकनीक है। इसमें माइक्रोस्कोप और विशेष माइक्रोमैनिपुलेटर की सहायता से शुक्राणुओं में से एक स्वस्थ शुक्राणु को चुनकर सीधे अंडाणु के साइटोप्लाज्म में इंजेक्ट किया जाता है। इस तकनीक का इस्तेमाल पुरुषों में बांझपन की स्थिति में किया जाता है।
डॉक्टर कहते हैं, आईवीएफ और आईसीएसआई वैसे तो दोनों एक ही हैं लेकिन इनकी निषेचन की प्रक्रिया में अंतर है।
- आईवीएफ में अंडाणु और हजारों शुक्राणुओं को एक साथ रखा जाता है। इनमें से सबसे सक्षम शुक्राणु स्वयं अंडाणु में प्रवेश कर निषेचन करता है।
- दूसरी ओर आईसीएसआई में विशेषज्ञ केवल एक स्वस्थ शुक्राणु चुनकर उसे सीधे अंडाणु के भीतर इंजेक्ट करते हैं। इसलिए आईसीएसआई विशेष रूप से पुरुष बांझपन के मामलों में उपयोगी मानी जाती है।
- यदि पुरुष के शुक्राणु सामान्य हैं और समस्या मुख्य रूप से महिला से जुड़ी है, तो पारंपरिक आईवीएफ पर्याप्त हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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