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World Homoeopathy Day: कैसे ये मीठी सी गोलियां दूर करती हैं आपके शरीर की परेशानी? यहां जानें

Thu, 09 Apr 2026 12:48 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

World Homoeopathy Day: विश्व होम्योपैथी दिवस के मौके पर हम आपको बताएंगे कि होम्योपैथी दवाइयों के रूप में मिलने वाली छोटी मीठी गोलियां किस तरह से काम करती हैं।
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कैसे ये मीठी सी गोलियां दूर करती हैं आपके शरीर की परेशानी? - फोटो : Adobe stock
World Homoeopathy Day: 10 अप्रैल को हर साल विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया जाता है, जो डॉ. सैमुअल हैनीमैन के जन्मदिन के अवसर पर होता है। डॉ. हैनीमैन ने होम्योपैथी को विकसित किया और इसे चिकित्सा जगत में लोकप्रिय बनाया।

विश्व होम्योपैथी दिवस का उद्देश्य न केवल डॉ. हैनीमैन के योगदान को याद करना है, बल्कि होम्योपैथी के फायदों और इसके सुरक्षित, प्राकृतिक इलाज के तरीके के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। यह दिन होम्योपैथिक चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और मरीजों को स्वास्थ्य के प्राकृतिक विकल्पों की महत्ता याद दिलाता है। 

होम्योपैथी दवाइयां अक्सर छोटी और मीठी गोलियों के रूप में आती हैं, जिसका सेवन लोग आसानी से कर सकते हैं।  यहां इस लेख में हम आपको बताएंगे कि होम्योपैथिक दवाइयां कैसे काम करती हैं।

 
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कैसे ये मीठी सी गोलियां दूर करती हैं आपके शरीर की परेशानी? - फोटो : Adobe stock
होम्योपैथी का सिद्धांत क्या है?

होम्योपैथी का मूल सिद्धांत है "जैसा रोग, वैसा इलाज।" इसका अर्थ यह है कि कोई भी पदार्थ जो स्वस्थ व्यक्ति में किसी रोग के लक्षण पैदा कर सकता है, वही पदार्थ बीमार व्यक्ति में उस रोग का इलाज करने में मदद करता है। यह सिद्धांत शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता पर भरोसा करता है। 

 
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कैसे ये मीठी सी गोलियां दूर करती हैं आपके शरीर की परेशानी? - फोटो : Adobe stock
जब हम होम्योपैथिक दवा लेते हैं, तो यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को सक्रिय करती है और रोगों को जड़ से ठीक करने में मदद करती है। इसे केवल लक्षणों को दबाने वाली दवा नहीं माना जाता, बल्कि यह पूरी तरह से शरीर की अंदरूनी शक्ति को जगाकर बीमारी से मुकाबला करने में मदद करती है।

 

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कैसे ये मीठी सी गोलियां दूर करती हैं आपके शरीर की परेशानी? - फोटो : Adobe stock
क्यों होती हैं छोटी-मीठी गोलियां?

होम्योपैथिक दवाइयां आमतौर पर छोटी और मीठी गोलियों के रूप में बनाई जाती हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इन्हें आसानी से निगला जा सकता है और ये हल्के दुष्प्रभाव वाली होती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील मरीजों के लिए यह तरीका बहुत सुविधाजनक है। 

गोलियों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाती और दवा का असर धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से शरीर पर पड़ता है। मीठा होने के कारण इसे खाना भी आसान होता है और यह रोगी के अनुभव को सहज बनाता है।

 
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कैसे ये मीठी सी गोलियां दूर करती हैं आपके शरीर की परेशानी? - फोटो : Adobe stock
होम्योपैथिक दवाइयां कैसे बनती हैं?

होम्योपैथिक दवाइयां मुख्य रूप से प्राकृतिक स्रोतों से बनाई जाती हैं। इसमें पौधों, खनिज और कभी-कभी पशु उत्पादों का इस्तेमाल किया जाता है। रसायनों की बजाय प्राकृतिक घटकों के इस्तेमाल से दवाइयाx शरीर पर कोमल प्रभाव डालती हैं और लंबे समय तक सुरक्षित रहती हैं। 

ये सुनिश्चित करता है कि दवा सिर्फ रोग को ठीक करे, लेकिन शरीर के अन्य हिस्सों को नुकसान न पहुंचे। प्राकृतिक सामग्री के कारण होम्योपैथिक दवाइयाँ लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर भी सुरक्षित मानी जाती हैं।
 
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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