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हार्ट हेल्थ: दिल की बीमारियों से बचने के लिए 30 की उम्र के बाद किन बातों का रखें ध्यान? क्या आपको पता है

Fri, 25 Sep 2026 07:23 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Heart Health: 30 की उम्र के बाद दिल की सेहत को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और वजन पर लगातार नजर रखें। नियमित शारीरिक गतिविधि करें, संतुलित भोजन और पर्याप्त नींद लें। इन आदतों से हृदय रोग के कई जोखिम कारकों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
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दिल की सेहत का रखें ख्याल - फोटो : Amarujala.com/AI
लाइफस्टाइल और खानपान में गड़बड़ी के कारण कई तरह की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है, हृदय रोग उनमें से एक हैं। दिल की बीमारियों को कुछ दशकों पहले तक बुजुर्गों की समस्या माना जाता था, हालांकि अब कम उम्र वाले भी इसका शिकार हो रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को 30 की उम्र के बाद हार्ट हेल्थ को लेकर सावधान हो जाने की सलाह देते हैं। आमतौर ये वह समय होता है जब ज्यादातर लोगों में घंटों बैठकर काम करने, नींद पूरी न होने और व्यायाम के लिए समय न निकाल पाने जैसी समस्याएं आम हो जाती है। लाइफस्टाइल की ये गड़बड़ियां ब्लड प्रेशर-कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ा देती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं अक्सर लोगों को लगता है कि दिल की बीमारी अचानक होती है, लेकिन इसके पीछे कई जोखिम वर्षों तक बनते रहते हैं। ऐसे में आइए जान लेते हैं कि आप अपने हार्ट हेल्थ को ठीक रखने के लिए क्या उपाय कर सकते हैं?
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Adobe Stock
दिल की सेहत को खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हाई ब्लड प्रेशर-कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, धूम्रपान और अधिक वजन जैसे स्थितियां दिल की सेहत को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में से एक हैं।
 
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार तंबाकू, शारीरिक निष्क्रियता और खान-पान में गड़बड़ी जैसी समस्याएं कई ऐसे बदलाव पैदा कर सकती हैं जो आगे चलकर हृदय रोग का जोखिम बढ़ा देते हैं।
  • इसलिए 30 की उम्र के बाद दिल की सेहत के लेकर अलर्ट हो जाना चाहिए। अपने ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर, वजन को कंट्रोल रखें।
  • इसके साथ नींद, खान-पान को लेकर भी सावधानी जरूरी है।

30 के बाद इन जांचों को नजरअंदाज न करें

दिल की बीमारी से बचाव के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि शरीर के अंदर क्या चल रहा है? ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है या नहीं, कोलेस्ट्रॉल कितना है और हाई ब्लड शुगर की दिक्कत तो नहीं है?

नियमित स्वास्थ्य जांच से इसका पता चल सकता है। हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ते रह सकते हैं। ऐसे में अगर आप जांच नहीं कराते हैं तो समस्या का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। 
अगर परिवार में पहले से किसी को कम उम्र में दिल की बीमारी, हाई कोलेस्ट्रॉल या डायबिटीज रहा है, तो डॉक्टर से मिलकर जांच और समय रहते इसे कंट्रोल करने के इलाज जरूर कराएं। 
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लंबे समय तक बैठे रहते हैं तो सावधान - फोटो : Amarujala.com/AI
बैठने की आदत कम करें

30 की उम्र के बाद ऑफिस का काम, कंप्यूटर और मोबाइल की वजह से कई घंटे बैठे रहना आम है। ये आदतें सेहत के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक हो सकती है।
 
  • अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार वयस्कों को हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए। इसके अलावा सप्ताह में कम से कम दो दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम करना भी जरूरी है।
  • आप तेज वॉक, साइकिलिंग, सीढ़ियां चढ़ने जैसे अभ्यास करके भी दिल की सेहत को ठीक रख सकते हैं।
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दिल की सेहत के लिए अच्छी नींद जरूरी - फोटो : Freepik.com
इन बातों का भी रखें ध्यान

दिल की सेहत को ठीक रखने के लिए खान-पान पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। भोजन में फल-सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और प्रोटीन वाली चीजें जरूर शामिल करें। अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन, ज्यादा नमक और मीठी चीजें खाने से बचना भी जरूरी है।
 
  • धूम्रपान दिल के लिए खास तौर पर नुकसानदायक है। निकोटीन और तंबाकू ब्लड प्रेशर तथा हृदय गति बढ़ा सकते हैं और रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर सकते हैं।
  • नींद को भी नजरअंदाज न करें। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार वयस्कों को रोज रात में 7 से 9 घंटे नींद जरूर लेनी चाहिए। नींद की कमी दिल की सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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