बच्चों के दिल की जांच कराएं
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कैसे जानें आपका बच्चा भी तो नहीं है शिकार?
डॉक्टर बताते हैं, बच्चों में दिल की बीमारियों के कुछ शुरुआती संकेत होते हैं जिनपर माता-पिता को गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए।
दूध पीते समय जल्दी थक जाना या बहुत अधिक सांस फूलना, बच्चों के होंठ या नाखून नीला होना, बार-बार छाती में इंफेक्शन की समस्या के अलावा खेल-कूद के दौरान बच्चों का कुछ ही मिनटों में थक जाना या अक्सर बेहोशी होना संकेत हो सकता है बच्चों के दिल में कोई समस्या है।
बच्चों में इस तरह की किसी भी जोखिमों को कम करने के लिए गर्भावस्था में सावधानी और नियमित चेकअप जरूरी है। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को ये दिक्कत रही है उन्हें और भी सावधानी बरतनी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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