आंखों की जांच कराते रहना जरूरी
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नियमित आई टेस्ट कराते रहना जरूरी
डॉक्टर कहते हैं, आंखों की सेहत का अंदाजा केवल विजुअल एक्यूटी से नहीं लगाया जा सकता है बल्कि आई प्रेशर, रेटिना की स्थिति, लेंस, कलर विजन, पेरिफेरल विजन और ड्राई आई जैसी स्थितियों और इसके लक्षणों पर ध्यान देते रहना चाहिए।
- वयस्कों को हर 1-2 साल में आंखों की जांच करानी चाहिए।
- डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर हो तो ये जांच और भी जरूरी हो जाती है।
- समय पर जांच से कई बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाकर इलाज संभव है और ये आपको हमेशा के लिए रोशनी चले जाने से बचाने में भी मददगार हो सकती है।
- अपने डॉक्टर की सलाह पर आई टेस्ट जरूर कराते रहें। विजन टेस्ट के साथ आंखों की अच्छी तरह से जांच भी जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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