फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World Health Day 2026: ब्रेन स्ट्रोक में हर मिनट कीमती, जानिए FAST फॉर्मूला कैसे बन सकता है लाइफसेवर

Tue, 07 Apr 2026 11:58 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

World Health Day 2026: स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति रुक जाती है या कोई रक्त वाहिका फट जाती है। ये जानलेवा समस्या है। हालांकि FAST फॉर्मूला की मदद से आप इसकी समय पर पहचान करके किसी का जान बचा सकते हैं।
विज्ञापन
1 of 4
ब्रेन स्ट्रोक - फोटो : Amarujala.com
लाइफस्टाइल और खानपान में गड़बड़ी ने हमारी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। लिहाजा डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय से संबंधित बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है। हार्ट अटैक, स्ट्रोक जैसी समस्याएं भी आम होती जा रही हैं, जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। ब्रेन स्ट्रोक को विशेषज्ञ कई मामलों में खतरनाक मानते हैं। ब्रेन स्ट्रोक से ठीक हो चुके लोगों में लकवा और विकलांगता का भी जोखिम रहता है।

दुनियाभर में स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। जीवनशैली की गड़बड़ी जैसे शारीरिक गतिविधियों में कमी, लंबे समय तक बैठकर काम करने, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड्स का बढ़ता सेवन लोगों को इन बीमारियों का शिकार बनाता जा रहा है। लाइफस्टाइल की गड़बड़ आदतें हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनती हैं जो स्ट्रोक होने का प्रमुख कारण है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति में FAST फॉर्मूला आपकी जान बचा सकता है। आइए इस बारे में जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 4
ब्रेन स्ट्रोक और इसका खतरा - फोटो : Freepik.com
ब्रेन स्ट्रोक की समय रहते पहचान जरूरी

मस्तिष्क से जुड़ी समस्याओं और ब्रेन स्ट्रोक को लेकर लोगों के मन में कई भ्रम और सवाल रहते हैं। इन्हीं विषयोंऔर बीमारियों को लेकर लोगों के मन में बनी भ्रामक जानकारियों को दूर करने  के उद्देश्य से साल 2026 के विश्व स्वास्थ्य दिवस का थीम रखा गया है- "स्वास्थ्य के लिए एकजुट, विज्ञान के साथ खड़े रहें"।

डॉक्टर कहते हैं, अगर किसी को स्ट्रोक हो जाए और उसे समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो इससे जान बचने की संभावना बढ़ जाती है।






पर बड़ा सवाल ये है कि इसे पहचाना कैसे जाए कि किसी को स्ट्रोक तो नहीं हुआ है?
विज्ञापन

3 of 4
ब्रेन स्ट्रोक हो सकती है जानलेवा - फोटो : Freepil.com
स्ट्रोक के कारण और इसका खतरा

स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति या तो बाधित हो जाती है या कोई रक्त वाहिका फट जाती है। लगभग 80-85% मामलों में इस्केमिक स्ट्रोक होता है, जिसमें खून का थक्का बनकर रक्त प्रवाह को रोक देता है। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है उनमें स्ट्रोक होने का खतरा अधिक होता है।
 
  • डायबिटीज रक्त वाहिकाओं को कमजोर करती है और कोलेस्ट्रॉल के उच्च स्तर से धमनियों में प्लाक जमा होता है। 
  • धूम्रपान रक्त को गाढ़ा बना देती है और ऑक्सीजन की आपूर्ति कम कर देती है। 
  • मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता भी जोखिम को कई गुना बढ़ाते हैं।
विज्ञापन

4 of 4
ब्रेन स्ट्रोक की पहचान कैसे की जाती है? - फोटो : Adobe Stock
FAST फॉर्मूला से समय पर कर सकते हैं पहचान

स्ट्रोक की स्थिति में हर मिनट कीमती होता है। FAST फॉर्मूला एक आसान तरीका है जिससे आम लोग भी शुरुआती लक्षण पहचान सकते हैं।
 
  • F (Face): क्या चेहरे का एक हिस्सा लटक रहा है? व्यक्ति को मुस्कुराने को कहें, यदि चेहरे में एक तरफ झुकाव दिखे तो सावधान हो जाएं।
  • A (Arms): क्या एक हाथ उठाने में कमजोरी है? दोनों हाथ उठाने को कहें, यदि एक नीचे गिर जाता है तो यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है।
  • S (Speech): क्या बोलने में लड़खड़ाहट है या शब्द स्पष्ट नहीं निकल रहे?
  • T (Time): ऐसे लक्षण दिखें तो समय न गंवाएं। तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं।

स्ट्रोक के बाद गोल्डन ऑवर में इलाज मिलने से मस्तिष्क की क्षति कम की जा सकती है। जितनी जल्दी उपचार शुरू होगा, उतनी बेहतर रिकवरी की संभावना होती है।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें