दुनिया में पहली बार कंप्यूटर-विजन आधारित मशीन इंटेलिजेंस ने लाइव ब्रेन सर्जरी के दौरान न्यूरोसर्जन को महत्वपूर्ण शारीरिक संरचनाओं की पहचान करने में मदद की। लंदन के नेशनल हॉस्पिटल फॉर न्यूरोलॉजी एंड न्यूरोसर्जरी में हुई इस सर्जरी में डॉक्टरों ने पिट्यूटरी ग्रंथि का ट्यूमर सफलतापूर्वक निकालते हुए मरीज की दृष्टि को नुकसान से बचाया।
यह प्रक्रिया यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) की विकसित तकनीक के क्लिनिकल ट्रायल के तहत हुई।
यूसीएल की प्रणाली ने ऑपरेशन के दौरान एंडोस्कोप से मिल रही लाइव वीडियो फीड का विश्लेषण किया और महत्वपूर्ण शारीरिक संरचनाओं को चिह्नित किया। इनमें ऑप्टिक नर्व और बड़ी रक्त वाहिकाएं भी शामिल थीं। पिट्यूटरी ट्यूमर की सर्जरी बेहद संवेदनशील होती है, क्योंकि ये संरचनाएं ट्यूमर के बेहद करीब होती हैं। छोटी-सी गलती से दृष्टि जाने, स्ट्रोक या मौत तक का खतरा रहता है। इ
स तकनीक की खासियत यह रही कि उसने केवल ऑपरेशन से पहले किए गए स्कैन पर निर्भर रहने के बजाय सर्जरी के दौरान सामने आ रहे वास्तविक दृश्य का विश्लेषण किया। इससे डॉक्टरों को जोखिम वाले हिस्सों की पहचान के लिए अतिरिक्त दृश्य सहायता मिली।