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एच1एन1 वायरस: स्वाइन फ्लू से होने वाली निमोनिया की क्या पहचान है? ये एक्टर भी हो गया संक्रमण का शिकार

Sat, 29 Aug 2026 05:28 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक्टर इमरान हाशमी स्वाइन स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 से संक्रमित हो गए हैं। शूटिंग के सिलसिले में लगातार यात्रा करने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई थी। ये संक्रमण कई बार गंभीर स्थितियों में निमोनिया का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं कि इसकी पहचान कैसे की जाए?
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स्वाइन फ्लू से होने वाली दिक्कतें - फोटो : Amarujala.com/AI
एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू, इन दिनों खूब चर्चा में है। दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई राज्य इस संक्रमण से गंभीर रूप से प्रभावित देखे जा रहे हैं। दिल्ली में इस साल अब तक 2700 से ज्यादा लोग संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में तेज बुखार, सिरदर्द, खांसी-जुकाम और सांस की समस्याओं के शिकार मरीजों को संख्या भी बढ़ती देखी जा रही है।  स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को इन दिनों श्वसन रोगों से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। कुछ लोगों में ये संक्रमण गंभीर और जानलेवा समस्याओं का कारण भी बन सकता है।

हालिया जानकारियों के मुताबिक बॉलीवुड एक्टर इमरान हाशमी भी स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 से संक्रमित हो गए हैं। उनका स्वाइन फ्लू टेस्ट पॉजिटिव आया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में शूटिंग के सिलसिले में लगातार यात्रा करने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई थी। डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

डॉक्टर कहते हैं, पहले से ही कमजोर इम्युनिटी वालों और कोमोरबिडिटी (व्यक्ति में एक ही समय पर दो या दो से अधिक बीमारियां) के शिकार लोगों में स्वाइन फ्लू से निमोनिया होने का खतरा हो सकता है। आइए जानते हैं कि इसकी पहचान कैसे की जा सकती है?
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एच1एन1 फ्लू के खतरे - फोटो : Amarujala.com
एच1एन1 फ्लू का बढ़ता खतरा

डॉक्टर कहते हैं, एच1एन1 फ्लू के खतरों को देखते हुए इन दिनों अगर आपको तेज बुखार के साथ सिर और मांसपेशियों में दर्द हो या सांस लेने में दिक्कत हो तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। फ्लू कुछ लोगों में गंभीर रूप ले सकता है और फेफड़ों तक संक्रमण पहुंचने पर निमोनिया जैसी जटिलता पैदा हो सकती है।
 
  • अच्छी बात यह है कि वैसे तो ज्यादातर लोग फ्लू से करीब एक सप्ताह में ठीक हो जाते हैं। लेकिन हर व्यक्ति में बीमारी का असर एक जैसा नहीं होता। 
  • छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में जटिलताओं का खतरा ज्यादा रहता है।
  • फ्लू के दौरान सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द हो, हालत तेजी से बिगड़ रही हो या ठीक होने के बाद फिर तेज बुखार शुरू हो जाए, तो इसे चेतावनी का संकेत मानना चाहिए। ऐसे मामलों में डॉक्टर से तुरंत संपर्क जरूरी है।
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फ्लू के कारण सांस की समस्या - फोटो : Adobe Stock
कैसे पहचानें कि फ्लू गंभीर हो रहा है?

डॉक्टर कहते हैं, सिर्फ बुखार या खांसी देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि फ्लू गंभीर है या नहीं? अगर आपके लक्षण लगातार बढ़ते जा रहे हैं और सांस से जुड़ी परेशानी हो रही है तो इसे अनदेखा न करें। सांस लेने में दिक्कत, सांस फूलना, सीने में दर्द या दबाव, चक्कर या भ्रम की स्थिति हो तो तुरंत डॉक्टरी सहायता लेनी चाहिए।
 
  • संक्रमण बढ़ने पर बच्चों में तेज सांस लेने, होंठ या त्वचा का नीला पड़ने, सुस्ती या ठीक से प्रतिक्रिया न देने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
  • ये गंभीर चेतावनी संकेत हो सकते हैं।  इसमें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना जरूरी माना जाता है।

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निमोनिया की समस्या - फोटो : Freepik.com
स्वाइन फ्लू से निमोनिया का खतरा

स्वाइन फ्लू का संक्रमण निमोनिया का कारण बन सकता है, जो गंभीर स्थिति मानी जाती है। निमोनिया फेफड़ों में होने वाला एक संक्रमण है इसमें फेफड़ों में मौजूद छोटी-छोटी हवा की थैलियां (एल्वियोली) में सूजन आ जाती है और उनमें तरल पदार्थ या मवाद भर सकता है।
 
  • निमोनिया में खांसी और सांस की परेशानी बढ़ जाती है। 
  • मरीज को सीने में दर्द, थकान, सांस लेने में दिक्कत होने के साथ बुखार और ठंड लगने की समस्या भी हो सकती है। 

अगर फ्लू के मरीज में निमोनिया का संदेह हो, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। वायरल फ्लू के लिए एंटीवायरल दवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। समय रहते उपचार हो जाए तो इससे जान जाने को खतरा कम किया जा सकता है।
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निमोनिया के कारण सांस की समस्या - फोटो : Freepik.com
निमोनिया या गंभीर फ्लू हो जाए तो क्या करें?

डॉक्टर कहते हैं, गंभीर फ्लू या निमोनिया के लक्षण होने पर घर पर केवल बुखार की दवा लेकर इंतजार नहीं करना चाहिए। समय रहते डॉक्टरी सलाह और उपचार जरूरी हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गंभीर लक्षणों या हाई-रिस्क लोगों में एंटीवायरल दवा जल्द शुरू करना जरूरी है।

इंफ्लूएंजा वायरस या किसी बैक्टीरिया के कारण होने वाली निमोनिया जैसी गंभीर समस्या से बचे रहने के लिए विशेषज्ञ सभी लोगों को सालाना फ्लू की वैक्सीन लगवाने की सलाह देते हैं। इस बारे में अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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