World First Aid Day 2026: हमने अक्सर देखा है कि किसी भी तरह की चोट लगने पर घरवाले उसमें हल्दी लगाने की सलाह देते हैं। ये कितना सही है, आज हम इसी बारे में डिटेल में जानेंगे।
World First Aid Day 2026: चोट लगने या कट जाने पर घर में सबसे पहले कई तरह के घरेलू नुस्खे अपनाए जाते हैं। इनमें जख्म पर हल्दी लगाना भी काफी आम है। माना जाता है कि हल्दी में मौजूद गुण संक्रमण से बचाने और घाव भरने में मदद कर सकते हैं। लेकिन क्या हर तरह के जख्म पर तुरंत हल्दी लगाना सही है?
ये सवाल इसलिए भी जरूरी है क्योंकि गलत तरीके से किसी चीज को सीधे घाव पर लगाने से परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में हल्दी कब इस्तेमाल की जा सकती है और किन परिस्थितियों में इससे बचना चाहिए, इसकी जानकारी होना जरूरी है।
आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि जख्म पर हल्दी लगाने से जुड़ी आम धारणा कितनी सही है, किन घावों पर इसे लगाने से बचना चाहिए और चोट लगने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए।
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जख्म पर हल्दी लगाना कितना सही?
- फोटो : AI
जख्म पर हल्दी लगाना कितना सही?
हल्दी का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से कई घरेलू उपचारों में किया जाता रहा है। इसमें करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है, जिसके बारे में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कच्ची या रसोई वाली हल्दी को सीधे खुले घाव पर लगाना हर स्थिति में सुरक्षित है।
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जख्म पर हल्दी लगाना कितना सही?
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खुले जख्म में सबसे जरूरी है कि घाव को साफ रखा जाए और संक्रमण से बचाया जाए। घर में मौजूद हल्दी या अन्य पाउडर को सीधे घाव पर लगाने से घाव की स्थिति को समझना और बाद में उसकी सफाई करना मुश्किल हो सकता है।
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जख्म पर हल्दी लगाना कितना सही?
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किन जख्मों पर हल्दी लगाने से बचें?
गहरा कट या घाव: अगर घाव काफी गहरा है तो घरेलू नुस्खे के बजाय चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
बहुत ज्यादा खून बह रहा हो: ऐसे समय में हल्दी लगाने के बजाय साफ कपड़े या गॉज से लगातार दबाव देकर रक्तस्राव रोकने की कोशिश करें।
गंदा या मिट्टी लगा घाव: ऐसे घाव में संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसे साफ करना ज्यादा जरूरी है।
जलने का गंभीर घाव: गंभीर जलन पर हल्दी, तेल या दूसरे घरेलू पदार्थ लगाने से बचना चाहिए।
संक्रमण के संकेत हों: घाव के आसपास लालिमा, सूजन, बढ़ता दर्द, गर्माहट या पस दिखाई दे तो डॉक्टर से सलाह लें।
छोटे और मामूली कट या खरोंच में सबसे पहले हाथ साफ करें और घाव को साफ बहते पानी से धोएं। आसपास की त्वचा को भी साफ रखा जा सकता है। इसके बाद जरूरत के अनुसार साफ ड्रेसिंग या बैंडेज लगाएं।
अगर घाव गहरा है, खून नहीं रुक रहा है, किसी जानवर के काटने से हुआ है या उसमें संक्रमण के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो मेडिकल सहायता लेना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।