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World Diabetes Day: भारत में 25 लाख से अधिक लोगों को है प्री-डायबिटीज, कहीं आप भी तो नहीं हैं इसके शिकार

Fri, 14 Nov 2025 08:45 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

World Diabetes Day 2025: विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत में लगभग 25 लाख से अधिक लोगों को प्रीडायबिटीज है। ऐसे में बहुत से लोगों के मन में सवाल होगा कि कहीं उन्हें भी तो ये समस्या नहीं है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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प्रीडायबिटीज - फोटो : Amar Ujala
Prediabetes Symptoms: हर साल 14 नवंबर को वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है और इसका उद्देश्य लोगों के बीच में डायबिटीज के बारे में जागरूक करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक हमारे देश में 25 लाख से अधिक लोग इस स्थिति से जूझ रहे हैं, और उससे भी हैरान करने वाली बात यह है कि आधे से अधिक लोगों को ये मालूम ही नहीं है कि उन्हें प्रीडायबिटीज है।

प्रीडायबिटीज एक ऐसी गंभीर चेतावनी है जहां ब्लड शुगर का लेवल सामान्य से अधिक तो होता है, लेकिन इतना नहीं कि उसे पूरी तरह से डायबिटीज (टाइप 2) कहा जा सके। यह स्थिति इस बात का स्पष्ट संकेत है कि शरीर इंसुलिन रेजिस्टेंस विकसित कर रहा है। यदि समय रहते जीवनशैली और आहार में बदलाव नहीं किए गए, तो कुछ ही वर्षों के भीतर टाइप 2 डायबिटीज के पूर्ण शिकार बन सकते हैं।

इस स्थिति को पहचानना इसलिए जरूरी है क्योंकि यह अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे पनपती है और यह डायबिटीज के साथ आने वाले सभी जोखिमों जैसे हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी डैमेज को बढ़ाना शुरू कर देती है। इसलिए हर भारतीय के लिए प्री डायबिटीज के जोखिम कारणों को जानना और इसे नियंत्रित करना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
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डायबिटीज - फोटो : Freepik.com
प्रीडायबिटीज क्यों खतरनाक?
प्रीडायबिटीज वह स्थिति है जब आपकी कोशिकाएं इंसुलिन (हार्मोन जो शुगर को ऊर्जा में बदलता है) के संकेतों को ठीक से नहीं पहचानती हैं, जिसे इंसुलिन रेजिस्टेंस कहते हैं। इस वजह से, शुगर रक्त में जमा होने लगती है। यह स्थिति खतरनाक है क्योंकि यह बिना लक्षण के शरीर के अंगों को नुकसान पहुँचाना शुरू कर देती है और यह एक स्पष्ट संकेत है कि आप डायबिटीज के दरवाज़े पर खड़े हैं। इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

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डायबिटीज - फोटो : Adobe Stock
किन लोगों को है प्रीडायबिटीज का खतरा?
प्रीडायबिटीज का जोखिम उन लोगों में सबसे ज़्यादा होता है जिनका वजन अधिक है (खासकर पेट के आसपास चर्बी), जिनकी शारीरिक गतिविधि कम है, या जिनके परिवार में पहले से ही डायबिटीज का इतिहास रहा है। इसके अलावा, हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप), हाई कोलेस्ट्रॉल और पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) से पीड़ित महिलाओं में भी इसका खतरा काफी बढ़ जाता है।

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डायबिटीज का इलाज - फोटो : Freepik.com
प्रीडायबिटीज के लक्षण
प्रीडायबिटीज के अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, इसलिए इसे साइलेंट कंडीशन कहा जाता है। हालांकि कुछ लोगों को गर्दन या बगल में त्वचा का काला पड़ना, अत्यधिक प्यास लगना या बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक थकान होना, धुंधली दिखना जैसे हल्के लक्षण दिख सकते हैं। अगर किसी को ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से दिखाकर इसकी पुष्टि के लिए फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज टेस्ट या ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट कराएं।

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डायबिटीज - फोटो : Adobe stock
डायबिटीज से बचाव के आसान उपाय
प्री डायबिटीज को ठीक किया जा सकता है। इसके लिए अपनी जीवनशैली में तीन बदलाव जरूरी हैं। पहला अपने शरीर के वजन का कम से कम 5% से 7% घटाएं। दूसरा रोजाना 30 मिनट की मध्यम कसरत करें। तीसरा रिफाइंड कार्ब्स (मैदा, चीनी, प्रोसेस्ड फूड्स) को डाइट से हटाकर फाइबर (साबुत अनाज, सब्जियां) और प्रोटीन को डाइट में शामिल करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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