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World Diabetes Day 2025: आंखें बताती हैं कहीं आपको डायबिटीज तो नहीं? इन लक्षणों को बिल्कुल न करें इग्नोर

Fri, 14 Nov 2025 08:51 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • Diabetes Day 2025: हर बार आंखों से कम या धुंधला दिखना, सिर्फ आंखों की बीमारी नहीं होती। कुछ स्थितियों में ये डायबिटीज का भी संकेत हो सकती है, जिसपर सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देते रहने की जरूरत है।
  • आइए जानते हैं कि आंखों की मदद से डायबिटीज की पहचान कैसे की जा सकती है?
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आंखों से जानिए कहीं आपको डायबिटीज तो नहीं - फोटो : Freepik
Diabetes & Eyes: डायबिटीज दुनियाभर में तेजी से बढ़ती गंभीर बीमारी है, समय के साथ इसका जोखिम बढ़ता ही जा रहा है। कुछ दशकों पहले तक माना जाता था कि डायबिटीज केवल बुजुर्गों को होती है, हालांकि अब कम उम्र के लोग यहां तक कि बच्चे भी इसका शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि जिस तरह से लोगों में लाइफस्टाइल की गड़बड़ी, असंतुलित खानपान, तनाव, मोटापा की समस्या देखी जा रही है, ये भविष्य में इस घातक बीमारी को और भी बढ़ाने वाली हो सकती है।

डायबिटीज को सिर्फ ब्लड शुगर बढ़े रहने की समस्या समझने की गलती नहीं की जानी चाहिए। इससे आपके हार्ट, किडनी, पाचन, तंत्रिकाओं और आंखों पर भी असर पड़ सकता है। वैश्विक स्तर पर इस रोग को लेकर जागरूकता बढ़ाने और डायबिटीज से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है।

आपको डायबिटीज है या नहीं, इसे जानने के लिए डॉक्टर ब्लड टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि आपकी आंखें भी बता सकती हैं कि कहीं शुगर लेवल हाई तो नहीं या फिर आप डायबिटीज का शिकार तो नहीं हो गए हैं?
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आंखों की जांच - फोटो : Adobe Stock Images
हाई शुगर लेवल के कारण होने वाली समस्याएं

डॉक्टर कहते हैं, डायबिटीज के कारण शरीर में ब्लड शुगर लेवल लगातार बढ़ा रहता है। यह बढ़ा हुआ शुगर धीरे-धीरे शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाता है। सबसे पहले असर आंखों, किडनी, नसों और हृदय पर दिखाई देता है। डायबिटिक रेटिनोपैथी नाम की स्थिति में आंखों की नसें कमजोर हो जाती हैं, जिससे दृष्टि धुंधली होने लगती है और इलाज न कराने पर अंधेपन तक का खतरा बढ़ जाता है।

यानी कि हर बार आंखों से कम या धुंधला दिखना, सिर्फ आंखों की बीमारी नहीं होती। कुछ स्थितियों में ये डायबिटीज का भी संकेत हो सकती है, जिसपर सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देते रहने की जरूरत है।

आइए जानते हैं कि आंखों की मदद से डायबिटीज की पहचान कैसे की जा सकती है?
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डायबिटीज के कारण आंखों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज के कारण आंखों में होने वाली दिक्कतें

जिन लोगों का शुगर लेवल अक्सर हाई रहता है उनमें धुंधला दिखाई देने, तैरते हुए धब्बे नजर आने, रंगों को देखने में कठिनाई जैसी समस्याएं होने लगती हैं। हाई शुगर के कारण आंखों की लेंस में सूजन आ जाती है, जिससे दृष्टि धुंधली हो जाती है। डायबिटिक रेटिनोपैथी के कारण आंखों की रक्त वाहिकाओं को भी नुकसान होता है।

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आंखों की रोशनी कम होने के कारण - फोटो : Adobe Stock Photos
आंखों की इन दिक्कतों का मतलब हो सकता है डायबिटीज

आंखें भी बताती हैं कहीं आपको डायबिटीज तो नहीं है, इसके लिए कुछ संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है।
  • शुगर हाई रहने के कारण आंखों के लेंस में सूजन आ सकती है, जिससे दृष्टि धुंधली हो सकती है।
  • आपको देखते समय काले धब्बे या लहरदार धागे दिखाई दे सकते हैं, जो क्षतिग्रस्त रक्त वाहिकाओं से रक्तस्राव के कारण हो सकते हैं।
  • रंगों में अंतर करने में कठिनाई हो सकती है।
  • पढ़ने में कठिनाई होने लगती है।
  • कुछ भी देखते समय आपको गहरा पर्दे जैसा नजर आता रह सकता है।
अगर इस तरह की दिक्कतें हो रही हैं तो तुरंत अपने शुगर की जांच करा लें। 
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शुगर को कंट्रोल रखने वाले उपाय जरूरी - फोटो : Adobe Stock
डायबिटीज को कंट्रोल रखना बहुत जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, डायबिटीज और इसके कारण आंखों और अन्य अंगों को होने वाले नुकसान से बचने के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करना, चीनी और जंक फूड से दूरी बनाना, पर्याप्त नींद लेना और नियमित हेल्थ चेकअप कराना बहुत जरूरी है।

शुरुआती लक्षणों जैसे अधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, धुंधला दिखने या थकान महसूस होने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर इसकी पहचान और इलाज हो जाए तो आप किसी बड़ी समस्या से बच सकते हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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